बागपत। जानलेवा बनी ब्लैक फंगस की जिले में भी एंट्री हो गई है। एक महिला को ब्लैक फंगस की पुष्टि होने के बाद शनिवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। ब्लैक फंगस का ही एक संदिग्ध केस रविवार को जिला अस्पताल में आया। उसे प्राथमिक जांच के बाद सोमवार को फिर से बुलाया है। इससे स्वास्थ्य विभाग में बेचैनी है।
ब्लैक फंगस की पुष्टि किशनपुर बराल निवासी महिला में हुई है। वह शुगर पीड़ित है। उसे बीते दिनों कोरोना संक्रमण हुआ था। उसने शामली में रिश्तेदार के यहां रहकर उपचार कराया। स्वस्थ होने के बाद उसकी दायीं आंख पर सूजन आने लगी। वहीं, जबड़ा भी सुन्न हो गया। इसके बाद वह निजी चिकित्सक के पास गई। वहां उसका सिटी स्कैन किया गया और दवा दी। कुछ समय बाद ही महिला को उस आंख से दिखना बिल्कुल बंद हो गया। इस पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जांच में ब्लैक फंगस की पुष्टि होने के बाद शनिवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
जानसठ क्षेत्र से आया संदिग्ध केस
जिला अस्पताल में रविवार को जानसठ क्षेत्र से ब्लैक फंगस का संदिग्ध केस आया। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव शर्मा तब अस्पताल में नहीं थे। उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से मरीज की जांच की। इसके बाद उसे सोमवार को फिर से बुलाया है। चिकित्सक का कहना है कि मरीज को कोरोना नहीं हुआ। उसे दिखाई भी ठीक दे रहा है। इसलिए ब्लैक फंगस का केस अभी नहीं कह सकते हैं। उसकी शुगर पूर्व में बढ़ी हुई थी। सोमवार को फिर से जांच कराई जाएगी।
मेरठ में उपचार के दौरान महिला ब्लैक फंगस से ग्रसित
दोघट। क्षेत्र के एक रहतना गांव निवासी महिला मेरठ में कोरोना का उपचार कराते हुए ब्लैक फंगस से ग्रसित हो गई। हालांकि अब उसकी हालत ठीक है और अब घर पर है।
बिनौली ब्लॉक के एक गांव निवासी महिला पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हो गई थी। परिजनों ने उसे मेरठ के लोकप्रिय अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसमें ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई थी। अब वह घर पर है और दवा ले रही है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक बिनौली डॉ. अतुल बंसल ने बताया कि महिला को ब्लैक फंगस होने की सूचना पर टीम मौके पर भेजी गई थी। महिला 20 मई को अपने घर आ गई है। उसका उपचार चल रहा है तथा बिनौली सीएचसी से बराबर टीम मौके पर जा रही है गांव में सैनेटराइजेशन भी कराया है। परिजनों को बताया कि सरकार की तरफ हरसंभव मदद कराई जाएगी।