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बागपत में भाजपा फेल, जहां मुकाबले में उतरे वहां हारे

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बागपत। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा ने पूरे प्रदेश में लगभग सभी पदों पर रिकॉर्ड जीत दर्ज की है। मगर, बागपत में भाजपा की सियासी दांव उल्टे पड़ गए। विपक्ष की रणनीति हर जगह भारी पड़ी। भाजपा के प्रत्याशी पंचायत चुनाव में जहां भी मुकाबले में उतरे, उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। इससे भाजपा की अच्छी-खासी किरकिरी हुई। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव के ये नतीजे भाजपा के लिए खतरे की घंटी हैं। पार्टी ने अभी भी इन नतीजों को लेकर मंथन नहीं किया और संगठन में जरूरी बदलाव नहीं किए तो निश्चित तौर पर विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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जिला पंचायत सदस्य पद के लिए बागपत में भाजपा ने सभी 20 वार्डों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। मगर, महज चार उम्मीदवार ही चुनाव जीत पाए। पार्टी के पास जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कोई उम्मीदवार तक नहीं था। ऐसे में सपा की प्रत्याशी बबली देवी को पार्टी में शामिल कराकर उम्मीदवार घोषित किया गया। इसके बाद चुनाव में कई बड़े उलटफेर हुए। इसके बाद प्रदेश वासियों की नजर इस चुनाव पर टिक गईं थी। नाटकीय और रोमांचक घटनाक्रमों के बाद रालोद व सपा की संयुक्त प्रत्याशी ममता जयकिशोर ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। इस दौरान भाजपा संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच की रार भी सामने आई।
ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भाजपा बड़ौत, खेकड़ा और बिनौली में अपने उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित कराने में कामयाब रही। मगर, बिनौली ब्लॉक प्रमुख बने कुलदीप उर्फ चीकू ने अगले ही दिन भाजपा को झटका दे दिया। उन्होंने एलान कर दिया कि भाजपा से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वह भाकियू कार्यकर्ता हैं। बागपत ब्लॉक में भाजपा प्रत्याशी मीनू के सामने निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता थी। सुनीता को कई भाजपाई ही समर्थन कर रहे थे। छपरौली में रालोद की प्रत्याशी अंशु से भाजपा उम्मीदवार कमलेश का मुकाबला था। दोनों ही जगह भाजपा को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। पंचायत चुनावों के ये नतीजे भाजपा के लिए सबक हैं। भाजपा यदि अभी नहीं संभली तो विधानसभा चुनाव में बड़ा नुकसान हो सकता है।
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रालोद कार्यकर्ता बोले, यह सत्य जीत
छपरौली। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में रालोद प्रत्याशी अंशु की जीत को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। कहा कि यह सत्य की जीत है। उधर, प्रशासन ने सुरक्षा के कड़ी सुरक्षा इंतजाम किए हुए थे। पहचान पत्र देखने के बाद ही मतदाताओं को प्रवेश दिया गया। मतदान स्थल पर किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठा नहीं होने दी। इस दौरान डीएम राजकमल यादव, एसपी अभिषेक सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया। एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्र एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी बड़ौत आलोक सिंह चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक मतदान स्थल पर ही मौजूद रहे।
अनीश यादव की लगातार तीसरी जीत
पिलाना ब्लॉक प्रमुख पद के लिये इस बार निर्वतमान प्रमुख अनीश यादव और पूर्व प्रमुख के पुत्र अभयवीर यादव के बीच सीधा मुकाबला था। इसमें अनीश ने बाजी मारी और लगातार तीसरी जीत दर्ज की। अनीश यादव इससे पहले वर्ष 2010 और 2015 में निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बने थे। जीत के बाद उन्होंने कहा कि यह जीत क्षेत्र की सम्मानित जनता की जीत है। पहले भी उन्होंने क्षेत्र का विकास कराया है और वह आगे भी क्षेत्र का विकास कराएंगे। उनकी सबसे पहली प्राथमिकता गांवों में साफ-सफाई की रहेगी।
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