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यूपी चुनाव 2022 : भाजपा ने फिर खेला जाट कार्ड, तीनों विधायकों को ही टिकट

Sun, 16 Jan 2022 12:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क अमर उजाला, बागपत

सार

बागपत से योगेश धामा, बड़ौत से केपी मलिक और छपरौली से सहेंद्र सिंह ही प्रत्याशी होंगे। तीनों ही जाट होने के कारण किसी एक विधायक का टिकट कटने के कयास लगाए जा रहे थे 
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बागपत विधानसभा से प्रत्याशी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बागपत तीन दिन से चल रही ऊहापोह की स्थिति को साफ करते हुए भाजपा हाईकमान ने बागपत की तीनों विधानसभा सीटों पर एक बार फिर जाट कार्ड खेला है। बागपत सीट से विधायक योगेश धामा, बड़ौत से केपी मलिक व छपरौली से सहेंद्र सिंह रमाला को प्रत्याशी बनाने की घोषणा की है। पहले तीनों जाट होने के कारण किसी एक विधायक का टिकट काटकर गैर जाट को देने के कयास लगाए जा रहे थे। मगर, पार्टी हाईकमान ने किसी तरह का जोखिम नहीं उठाते हुए तीनों ही विधायकों पर अपना विश्वास जताया है।
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बागपत विधानसभा
भाजपा ने बागपत से विधायक योगेश धामा पर दोबारा दांव खेला है। वर्ष 2017 में रालोद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए योगेश धामा ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए पहली बार कमल खिलाया था। बागपत सीट पर मुस्लिमों के बाद जाट वोटर सबसे ज्यादा है। भाजपा ने इसी को देखते हुए भी उन्हें ही चुनावी मैदान में उतारना बेहतर समझा। योगेश धामा दो बार जिला पंचायत सदस्य व एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके है। उनके सामने पिछली बार के प्रतिद्वंद्वी नवाब अहमद हमीद रालोद-सपा गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में होंगे। इससे बागपत सीट पर कड़ी टक्कर होती दिख रही है।

बड़ौत विधानसभा
भाजपा ने बड़ौत सीट से विधायक केपी मलिक पर भी दोबारा भरोसा जताया है। वर्ष 1988 में राजनीति में आए केपी मलिक सबसे पहले नगर पालिका परिषद बड़ौत के सभासद बने थे। 1990 में नगर पालिका अध्यक्ष भी बने। वर्ष 2004 में स्थानीय निकाय से एमएलसी बने तो वर्ष 2012 में दोबारा से नगर पालिका अध्यक्ष बने। केपी मलिक वर्ष 2017 में रालोद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए और पहली बार विधायक बने। अब दोबारा से भाजपा ने केपी मलिक पर भरोसा जताते हुए चुनावी जंग में उतारा है।
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छपरौली विधानसभा
भाजपा ने छपरौली से विधायक सहेंद्र सिंह रमाला को ही चुनावी मैदान में उतारा है। सहेंद्र सिंह पहली बार वर्ष 2017 में छपरौली से रालोद के टिकट पर चुनाव लड़कर जीते थे। इसके बाद भाजपा से नजदीकियों के कारण रालोद ने उनसे किनारा कर लिया था। इस पर वह भाजपा सरकार से लगातार क्षेत्र में विकास कार्य कराते रहे। उनका राजनीतिक जीवन ज्यादा लंबा नहीं रहा। अब भाजपा ने उनको पार्टी का प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा है। छपरौली सीट पर जिस तरह से अन्य राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी घोषित किए गए है, उससे यहां भी कड़ा मुकाबला होगा।

2017 में इस तरह मिला थे तीनों को वोट
बागपत विधानसभा (कुल मतदान : 65.93 प्रतिशत)
प्रत्याशी वोट प्रतिशत वोट मिले
योगेश धामा 92566 46.83
बड़ौत विधानसभा (कुल मतदान : 64.29 प्रतिशत)
प्रत्याशी वोट प्रतिशत वोट मिले
केपी मलिक 79427 43.09
छपरौली विधानसभा (कुल मतदान : 62.95 प्रतिशत)
प्रत्याशी वोट प्रतिशत वोट मिले
सहेंद्र सिंह 65124 32.71
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