एतिहासिक परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा। शिव के जयघोष और भारत माता के जयकारे के साथ शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। करीब तीन किमी तक शिवभक्तों की कतार लगी रही।
शुक्रवार रात नौ बजे यहां झंड़ा पूजन शुरू हुआ। पुजारी जयभगवान शर्मा ने पूजन कराया। डीएम भवानी सिंह खंगारौत, एसपी डी प्रदीप कुमार, मेला मजिस्ट्रेट विवेक कुमार यादव ने पूजन किया। रात नौ बजकर 50 मिनट पर चतुर्दशी का शुभ मुहुर्त शुरू हुआ। इसके बाद शिवभक्त जिलाभिषेक के लिए उमड़े।
गर्भगृह में पुलिस और मेला कमेटी को व्यवस्था बनाने में ताकत झोंकनी पड़ी। खुफिया विभाग के अनुमान के मुताबिक यहां 15 लाख से अधिक कांवड़िए और आसपास के क्षेत्र से श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचे हैं। शनिवार सुबह स्थानीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक करेंगे।
मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, शामली, गाजियाबाद समेत वेस्ट यूपी के जिलों के अलावा दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के शिवभक्त भी यहां पहुंचे। दिन में त्रयोदशी पर कड़ी सुरक्षा के बीच जलाभिषेक किया।
मेले के दौरान करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने का अनुमान है। शुक्रवार को कांवड़िये जलाभिषेक कर अपने-अपने गांवों के शिवालयों के लिए रवाना हो गए। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम विवेक कुमार यादव ने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है। डीएम भवानी सिंह खंगारौत, एसपी डी प्रदीप कुमार, एएसपी अजय कुमार सिंह ने भी यहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मंदिर के गर्भगृह में ही बेहोश हो गए कांवड़िए
अमीनगर सराय। कई कांवड़िए जलाभिषेक के दौरान गर्मी के कारण गर्भगृह में ही बेहोश हो गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कांवड़ियों को स्ट्रेचर पर लेकर पुरा सीएचसी में भर्ती कराया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि पानी की कमी के कारण कांवड़ियों को चक्कर आने और बेहोश होने के मामले सामने आए हैं।
बुढ़ाना का 10 वर्षीय किशोर वंश कुमार कांवड़ लाया था, जिसको अचानक तेज बुखार हो गया। उसे भर्ती किया गया है। वहीं, मुजफ्फरनगर के सिसौली कस्बा निवासी बिल्लू कुमार गर्भगृह में जलाभिषेक के दौरान बेहोश हो गया था।