फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar News: भैया दूज आज , भाइयों को तिलक कर बहनें करेंगी सुख समृद्धि की कामना

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। दिवाली के पांच दिवसीय महोत्सव का समापन भैया दूज पर्व के साथ होता है। यह पर्व भाई-बहन के स्नेह और विश्वास की डोर को और मजबूत करेगा। आज बहनें भाइयों को रोली-चावल से तिलक कर सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करेंगी। बुधवार को बाजारों में भैया दूज की तैयारी में महिलाएं जुटी रहीं। पूजन सामग्री और भाई-भतीजों के लिए उपहार की खरीदारी की गई।
शहर के शिव चौक, भगत सिंह रोड, गांधी कॉलोनी, नई मंडी के बाजार में रौनक रहीं। बहनों ने भाइयों और भाइयों ने बहनों के लिए उपहार खरीदे। दुकानों पर खील बताशों और नारियल की खरीदारी के लिए महिलाएं जुटी रहीं। सड़क के किनारों पर खील और बताशे की दुकानें सजीं। मिठाइयों और और गिफ्ट पैक की खरीदारी भी खूब हुई। खरीदारी करने आई श्वेता ने बताया कि भाई हमेशा बहनों का साथ देते हैं। बहनें उनकी तरक्की और सुखी जीवन की कामना करती हैं।
विज्ञापन

-
यमराज ने दिया था बहन को वरदान : पंडित विनय शर्मा
ज्योतिषाचार्य पंडित विनय शर्मा ने बताया कि भाई दूज पर्व मनाने पीछे पौराणिक मान्यता शामिल है। सूर्यदेव की पुत्री यमुना अपने भाई यमराज से अत्यंत स्नेह रखती थी। वह बार-बार उन्हें अपने घर भोजन के लिए आमंत्रित करती थीं, लेकिन यमराज अपने दायित्वों में व्यस्त होने के कारण नहीं जा पाते थे। एक दिन यमराज ने अपनी बहन का आग्रह स्वीकार किया और उसके घर पहुंचे। यमुना ने भाई के माथे पर तिलक लगाया और स्वादिष्ट भोजन कराया। भाई के स्नेह से प्रसन्न होकर यमराज ने यमुना को वर मांगने को कहा। यमुना ने प्रार्थना की कि इस दिन जो भी बहन अपने भाई का तिलक करें, उसके भाई की दीर्घायु हो और उसे कभी अकाल मृत्यु का भय न हो।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि भाई दूज का शुभ पर्व 23 अक्टूबर बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का प्रारंभ 22 अक्टूबर की रात 8 बजकर 16 मिनट पर होगा और यह तिथि 23 अक्टूबर की रात 10 बजकर 46 मिनट तक बनी रहेगी। भाई दूज तिलक का शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 13 मिनट से 03 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें