निर्वाचन आयोग की सख्ती को देखते हुए आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर एक के बाद एक मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। 18 दिन के अंदर आठ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें अकेले रालोद प्रत्याशी एवं खतौली विधायक करतार सिंह भड़ाना पर पांच केस दर्ज हुए। इन केसों में मतगणना से पूर्व चार्जशीट लगाने की पुलिस तैयारी कर रही है।
विधानसभा चुनाव 2017 के मद्देनजर 4 जनवरी को आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। तभी से सरकारी विभाग हरकत में आ गए थे। डीएम हृदय शंकर तिवारी के निर्देश पर दीवार या अन्य स्थानों पर लगाई गई चुनाव प्रचार सामग्री (बैनर, पोस्टर, पंपलेट, होर्डिंग) को तत्काल हटाना शुरू कर दिया गया था।
तभी से राजनीतिक दल के नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सबसे पहले बसपा प्रत्याशी एवं विधायक लोकेश दीक्षित आचार संहिता के उल्लंघन में फंसे। सिसाना गांव में कैलेंडर वितरित करने को लेकर 9 जनवरी की रात को बागपत कोतवाली में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। उसके बाद रालोद प्रत्याशी एवं खतौली विधायक करतार सिंह भड़ाना पर जनसभा में रागिनी कराने पर आचार संहिता के दो मुकदमे दर्ज हुए। फिर तो लाइन लग गई।
चुनावी कार्यालय के उद्घाटन में बगैर अनुमति के नाश्ता करने पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। साथ ही ढ़िकौली गांव में जनसभा करने पर रालोद के मंडल महासचिव ओमवीर ढाका समेत 75 लोगों पर केस दर्ज हुआ। 19 जनवरी को बगैर अनुमति गाड़ी लेकर घूमने और सभा करने पर खेकड़ा थाने में विधायक करतार भड़ाना पर मुकदमा हुआ।
भाजपा के बड़ौत विधानसभा प्रत्याशी केपी मलिक पर 20 जनवरी को नामांकन में उमड़ी भीड़ को खाना खिलाने पर आचार संहिता का मुकदमा दर्ज हुआ। 21 जनवरी को फिर रालोद विधायक करतार भड़ाना पर बगैर अनुमति जुलूस निकालने और मैरिज होम में लोगों को नाश्ता कराने का मुकदमा दर्ज हुआ।
इन केसों की पुलिस तेजी से विवेचना कर रही है। पुलिस का इरादा मतगणना से पूर्व कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने का है। सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय का कहना है कि सभी केसों की विवेचना की जा रही है। ताकि समय से चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाए।
आचार संहिता का उल्लंघन करने पर दर्ज केस
रालोद प्रत्याशी एवं विधायक करतार भड़ाना 5
बसपा प्रत्याशी एवं विधायक लोकेश दीक्षित 1
भाजपा प्रत्याशी केपी मलिक 1
रालोद मंडल महासचिव ओमवीर ढाका 1