बागपत। पिता पर हमला करने वाले बेटे की न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार ने बताया कि गांगनौली गांव के लहरी की जमीन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस में अधिग्रहीत की गई है। लहरी के तीन बेटे हैं। इनमें से एक बेटे ब्रह्मपाल ने पूरा मुआवजा खुद लेने के लिए जमीन अपने नाम कराने को पिता लहरी पर दबाव बनाया। उन्होंने जमीन नाम करने से इंकार कर दिया। आरोप है कि इस कारण ही लहरी की गर्दन पर बेटे ब्रह्मपाल ने चाकू से हमला कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी ब्रह्मपाल को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। उसकी जमानत के लिए न्यायालय में याचिका दायर की गई। उस पर जिला सत्र एवं न्यायाधीश सुधीर कुमार ने सुनवाई करते हुए खारिज कर दिया।