बागपत जिले की बड़ौत कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने बावली नहर की पटरी पर खंडहर में चलती तमंचा फैक्टरी पकड़ी है। 18 तमंचे, दो बंदूक, सात कारतूस, छह अधबने तमंचे और तमंचे बनाने का सामान बरामद किया है।
बड़ौत में बावली नहर की पटरी पर एक खंडहर में चल रही अवैध तमंचा फैक्टरी का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। बड़ौत कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने छापामारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 18 तमंचे, दो बंदूक, छह अधबने तमंचे और तमंचे बनाने का सामान बरामद किया।
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पुलिस को सूचना मिली थी कि बावली नहर की पटरी पर ब्लॉक के खंडहर भवन में तमंचा फैक्टरी चल रही है। छापामारी के दौरान खंडहर में तमंचे बना रहे चार लोग पुलिस को देखते ही भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर सलीम, फरमान और शोएब को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, गिरोह का सरगना मेहरबान निवासी पांची जंगल में भागने में सफल रहा।
गिरफ्तार आरोपियों में सलीम निवासी करनावल (मेरठ) और हाल निवासी पांची, फरमान निवासी पांची और उसका भाई शोएब निवासी पांची शामिल हैं। मेहरबान, जो फरार है, फरमान और शोएब का पिता है। एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि सलीम करनावल गांव से पांची में शिफ्ट हो गया था और यहां अप्रशिक्षित चिकित्सक बनकर लोगों का उपचार करता था। वह दिन में दवाई देता था, रात में हथियारों की फैक्टरी पर काम करता था। पुलिस ने गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जल्द ही मेहरबान को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मेहरबान का आपराधिक इतिहास
मेहरबान को कई माह पहले मेरठ पुलिस ने तमंचा बनाने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह तीन माह पहले ही जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद उसने अपने साथी सलीम और बेटों फरमान व शोएब के साथ मिलकर तमंचे बनाकर क्षेत्र में सप्लाई करना शुरू कर दिया। मेहरबान मेरठ जिले के मवाना में पकड़ी गई तमंचा फैक्टरी के मामले में भी वांछित है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि फरार मेहरबान को पकड़ने के लिए टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का लक्ष्य इस अवैध हथियार कारोबार को पूरी तरह से खत्म करना है।
तमंचा खरीदने वाले ने उगले थे राज
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि मेहरबान पहले भी तमंचा फैक्टरी चलाने के मामले में जेल जा चुका है और बाहर आते ही तमंचे बनाने में लग जाता है। तमंचे बनाने के बाद मेहरबान परिचित युवकों को तमंचे बेच रहा था। कुछ दिन पहले रटौल का एक युवक तमंचे के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ करने पर उसने अहम जानकारी दी थी। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई तो तमंचा फैक्टरी पकड़ी गई।
तमंचा खरीदने वालों की तलाश शुरू
पुलिस ने सलीम, फरमान और शोएब से कई घंटे पूछताछ की। इस दौरान तीनों ने पुलिस को अहम जानकारी दी। साथ ही तमंचे खरीदने वालों के नाम भी पुलिस को बताए। अब पुलिस ने तमंचे खरीदने वालों के बारे में जानकारी जुटाकर तलाश शुरू कर दी है।