खेकड़ा कस्बे के मोहल्ला गिरधरपुर में परिवार के इकलौते बेटे मनीष उर्फ सीटू (36) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसमें मृतक की मां कमलेश ने तीन सगे भाइयों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। कमलेश ने बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की।
मोहल्ला गिरधरपुर निवासी बुजुर्ग महिला कमलेश ने बताया कि तीन सगे भाइयों ने कुछ दिन पहले उसके बेटे मनीष उर्फ सीटू की आईडी पर किस्तों पर एक दुकान से एसी खरीद लिया था, लेकिन किस्त जमा नहीं की। इसके बाद दुकानदार ने उसके बेटे मनीष पर किस्त जमा करने का दबाव बनाया तो उसके बेटे ने तीनों से किस्त जमा करने के लिए कहा।
तीनों ने किस्त जमा करने से मना कर दिया और बृहस्पतिवार को तीनों ने उसके बेटे मनीष की डंडों से पिटाई कर घायल कर दिया। आरोप लगाया कि पिटाई से मनीष के सिर में चोट लग गई और पसली भी टूट गई। शिकायत करने पर पुलिस ने शांतिभंग में आरोपियों का चालान कर दिया।
आरोप है कि जमानत मिलने के बाद आरोपियों ने घर में घुसकर फिर से हमला कर दिया। इसके बाद उसके परिवार को घर छोड़कर जाने की धमकी दी गई। इससे भयभीत उसके बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिसका शव सुबह के समय कमरे में लटका हुआ मिला। खेकड़ा पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का सांया
कमलेश ने कहा कि मनीष उसका इकलौता बेटा था, जो मजदूरी कर परिवार का गुजर कर रहा था। मनीष के परिवार में पत्नी, चार साल का बेटा विशेष, चार माह का बेटा आयुष्मान और बेटी वर्तिका हैं।