सरकार की निजीकरण की नीतियों के विरोध में ऊर्जा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मंगलवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर पूर्ण कार्य बहिष्कार रखा और कार्यालय बंद कर दिए।
उधर, बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली घरों पर विद्युत कार्य को लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं को मायूस लौटना पड़ा। वहीं सभी कर्मचारी नारेबाजी करते हुए एसई कार्यालय बागपत पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के कर्मचारी व अधिकारी, जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह तोमर के नेतृत्व में 220 केवीए बिजलीघर पर एकत्रित हुए और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने, निजीकरण की सभी प्रक्रिया निरस्त करने और ग्रेटर नोएडा का निजीकरण, आगरा का फ्रेंचाइजी करार रद्द करने, केरल के केएसईबी लिमिटेड की तर्ज पर प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी का गठन करने और संविदाकर्मियों को नियमित करने की मांग के साथ ही वेतन संबंधी विसंगतियों का निस्तारण कर संवर्गों को तीन पदोन्नति पद के समयबद्ध वेतनमान दिए जाने की मांग उठाई।
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इस मौके पर विद्युत मजदूर पंचायत के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह तोमर, एक्सईएन प्रथम दुर्गेश जयसवाल, एक्सईएन दितीय राजेश कुमार, सुनील तोमर, एसडीओ अमित कुमार, एसडीओ अमित सैनी, कपिल, जेई विकास कुमार, पवन कुमार, गुलशन कुमार, राकेश ढाका, पुष्पेंद्र भारदाज, प्रदीप गुप्ता, आरिफ चौहान, नरेंद्र, राजेश कुमार, गणेश, विकास कुमार आदि शामिल रहे।
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