फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat: फर्जी मार्कशीट से 14 साल रहे शिक्षक, अब सेवा समाप्त, 13 साल 7 महीने फ्री में करते रहे शिक्षण कार्य

Thu, 13 Nov 2025 11:25 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

नौरोजपुर गुर्जर गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में वर्ष 2010 से तैनात हुए शिक्षक प्रवीण कुमार की मार्कशीट पर पांच माह की नौकरी के बाद ही जांच बैठ गई थी। शिक्षक इसी उम्मीद में नौकरी करते रहे कि उनकी मार्कशीट जांच में दुरुस्त पाई जाएगी और बकाया वेतन मिल जाएगा। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नौरोजपुर गुर्जर गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में तैनात शिक्षक प्रवीण कुमार ने इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट के सहारे 14 साल तक नौकरी की। जांच हुई तो बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट की वर्ष 1995 की मार्कशीट फर्जी मिलने के बाद सेवा समाप्त कर दी गई। उनसे वेतन की रिकवरी की जाएगी।
विज्ञापन

 

मेरठ के पांचली के रहने वाले प्रवीण कुमार की वर्ष 2010 में नौरोजपुर गुर्जर गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में सहायक शिक्षक के पद पर तैनाती की गई थी। उनको शुरू के पांच माह तक वेतन मिलता रहा। इसके बाद बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट की मार्कशीट फर्जी होने की शिकायत डायट में कर दी। तभी से शिक्षक के वेतन पर रोक लगा दी गई थी। अभिलेखों का सत्यापन होने तक वेतन जारी नहीं करने के निर्देश दिए थे।
 

शिक्षक के अभिलेखों की जांच करने में बेसिक शिक्षा विभाग को 14 साल लग गए। कई बार शिक्षक से इंटरमीडिएट की मार्कशीट मांगी गई, लेकिन वह नहीं दे सके। जांच पूरी होने के बाद शिक्षक की दो दिन पहले सेवा समाप्त कर दी गई और अब पांच माह के वेतन की रिकवरी की जाएगी।

ये भी देखें...
नफीस हत्याकांड: 'नफीस ने मेरी मां छीन ली, मैंने उसकी जिंदगी', सिर के दो टुकड़े होने से हुई मौत, ये बोली शब्बो    
 

जिस स्कूल की दिखाई मार्कशीट, वहां के परीक्षा परिणाम पर लगी थी रोक
शिक्षक प्रवीण कुमार ने बिहार के पटना स्थित वीर कुंवर सिंह विद्यालय से वर्ष 1995 में इंटर उत्तीर्ण करने की मार्कशीट अभिलेख में लगा रखी थी, जबकि इस विद्यालय की वर्ष 1995 में मान्यता रद्द करके परीक्षा परिणाम पर रोक लगाई गई थी। जब इस विद्यालय का परीक्षा परिणाम जारी नहीं हुआ था तो शिक्षक मार्कशीट कहां से लेकर आया। इसको फर्जी मानते हुए शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई है।

14 साल से विद्यालय में बिना वेतन के करता रहा नौकरी
शिक्षक प्रवीण कुमार भी इस उम्मीद से 14 साल तक विद्यालय में नौकरी करता रहा कि उसकी जांच कभी न कभी पूरी होगी। जब जांच पूरी होगी तो 14 साल का वेतन मिल जाएगा, लेकिन इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट ने शिक्षक की उम्मीद पर पानी फेर दिया।
विज्ञापन

ये बोले शिक्षक
मेरी मार्कशीट फर्जी नहीं थी, उस पर केवल क्रमांक गलत दर्ज था। मैं इस मामले में कोर्ट जाऊंगा और वहां पूरी बात को रखा जाएगा। 
- प्रवीण कुमार

- शिक्षक प्रवीण कुमार की इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट होने के कारण सेवा समाप्त कर दी गई है। इससे शासन को अवगत करा दिया गया है। शिक्षक को दिए गए वेतन की रिकवरी भी की जाएगी। 
- गीता चौधरी, बीएसए

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें