आरोप है कि इसी दौरान तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत निजी कर्मचारी प्रमोद कुमार ने दाखिल खारिज कराने के बदले 15 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित पहले ही पांच हजार रुपये दे चुका था, जबकि शेष 10 हजार रुपये लेते समय एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को पकड़ लिया।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
पीड़ित सोनू ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन विभाग से की थी। टीम ने पूरी योजना बनाकर आरोपी को रिश्वत लेते समय रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अन्य मामलों की भी जांच संभव
सूत्रों के मुताबिक आरोपी लंबे समय से कार्यालय में सक्रिय था और अन्य लोगों से भी अवैध वसूली की आशंका जताई जा रही है। एंटी करप्शन टीम अब इस पहलू की भी जांच कर रही है।