उसने बताया कि सोमवार सुबह वह चाय बनाने के लिए चीनी लेने बाजार गया था। तभी मकान की छत की तीन कड़ी टूटकर गिर गई और बेड पर सो रहे बच्चे अलिसबा, अलिफ्शा, इशान, व माहरा दब गए। वहीं, चीख-पुकार सुनकर बाहर बैठी बच्चों की दादी ने देखा तो शोर मचा दिया।
इसके बाद आसपास के लोगों ने मलबे में दबे बच्चों को निकाला और आनन-फानन चिकित्सक के यहां ले गए। पीड़ित यूसुफ नें बताया कि उसने दो साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत फार्म भी भरा था लेकिन, आज तक उसका नंबर नहीं आया है।