उन्होंने बताया कि प्रजापति समाज सभी जगह तालाब के किनारे पर ही बसा हुआ है, क्योंकि तालाब के किनारे ही रोजगार चलता है। उन्होंने कहा कि चुनावी रंजिश में साजिश के तहत प्रजापति समाज के परिवारों को निशाना बनाया गया और 58 मकानों को तोड़ दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मकान तोड़ने का विरोध करने वालो पर लाठियां बरसाई गईं। उधर धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मांग पूरी होने पर ही धरना समाप्त करने का चेतावनी दी। ग्रामीणों के धरना शुरू करते ही अफसरों की एक टीम बसी गांव में जांच करने पहुंची है।