राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल
हादसा होते ही आसपास मौजूद राहगीरों ने दिलशाद को घायल हालत में देखा और उसे तत्काल पास के नर्सिंग होम में भर्ती कराया। गर्दन पर गहरा घाव होने के कारण उसकी हालत गंभीर बताई गई। इसके बाद परिजन उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
चीनी मांझे की बिक्री पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद गांव के नवीन, अतुल, शारुख आदि लोगों ने प्रशासन से पतंग के प्रतिबंधित मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर इस तरह के मांझे की चपेट में आने से राहगीरों की जान को खतरा बना रहता है। उन्होंने ऐसे मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की।