उधर, नगर में जगह-जगह लगाकर कूडा एकत्रित करने के लिए पिछलें साल लाखों रुपयों से खरीदे गए तकरीबन 110 डस्टबिन भी नगरपालिका की बेसमेंट में कबाड़ हो रहे हैं। यह हालत तो तब है, जब इस वर्ष अप्रैल माह में निरीक्षण के दौरान जिले के प्रभारी मंत्री जसवंत सैनी ने बड़ौली मार्ग पर फैली गंदगी पर नाराजगी जताई थी। ऐसे में अब आप ही बताएं, क्या सफाई के नाम पर यह सही खर्च हो रहा है। उधर, बरसात के इस मौसम में नगरवासियों को गंदगी से संक्रामक रोग फैलने का खतरा सता रहा है।
कॉलेज और अस्पताल के पास हर समय रहती है गंदगी
भले ही नगरपालिका प्रशासन सफाई के नाम पर हर महीने कंपनी को लाखों का भुगतान कर रहा है, लेकिन आज भी नगर के मुख्य मार्गों के अलावा कॉलेजों और अस्पताल के पास हर समय गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। बड़का रोड पर वीर स्मारक इंटर कॉलेज के पास पूरे दिन गंदगी के ढेर लगे रहते हैं, ऐसे में कॉलेज में पढ़ने के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं को दिक्कतें होती हैं। इसके अलावा बड़ौली रोड स्थित निजी अस्पताल के पास पूरे दिन गंदगी पड़ रहती है। ऐसे में अस्पताल में अपना इलाज कराने वाले मरीज खूब बीमार पड़ रहे हैं।
खामियां को कराया जा रहा दुरुस्त, सफाई पर है विशेष ध्यान
मैंने हाल ही में अध्यक्षता पद के लिए शपथ ग्रहण की है। नगर में पहले से जो अव्यवस्था फैली हुई है, अब उसकाे दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। साथ ही लापरवाह कर्मचारियों पर नकल कसी जा रही है और सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कंपनी को समय पर सफाई कर्मचारियों के मानदेय भुगतान के लिए कह दिया गया है। -बबीता तोमर चैयरपर्सन नगरपालिका बड़ौत
मैं विभागीय काम से लखनऊ आया हू, आते ही पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच की जाएगी।- अनुज कौशिक ईओ नगरपालिका बड़ौत।