सिंघावली अहीर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के अनुसार पूछताछ में उसने बताया कि गांव में वेदप्रकाश से उसके परिवार की रंजिश चल रही थी, जिसमें एक मुकदमा भी दर्ज था। इसके अलावा वह अपनी प्रेमिका से फोन पर बात करता था, जिसका पत्नी विरोध करती थी।
वर्ष 2018 में प्रेमिका को लेकर उसका पत्नी के साथ झगड़ा हुआ। जिसके बाद वह घर छोड़कर दिल्ली चला गया और वहीं पर रोहिणी की एक युवती से शादी कर ली। वहां वह चालक की नौकरी करने लगा। तभी से वह दिल्ली के रोहिणी में किराये के मकान में रह रहा था।
दूसरी पत्नी ने चार बच्चों को जन्म दिया। सिंघावली अहीर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ कार्रवाई के लिए न्यायालय में रिपोर्ट भेज दी गई है।
पुलिस को शक हुआ तो खुला फर्जीवाड़ा
न्यायालय के आदेश पर योगेंद्र उर्फ बूचा की मौत का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुटी रही। जिसमें पुलिस को शक हुआ तो योगेंद्र की पत्नी पर नजर रखी गई। जिसके बाद दूसरे मुकदमे में कार्रवाई की गई तो योगेंद्र पांच साल बाद खुद ही न्यायालय में पहुंच गया।