बड़ौत। जागो और तब तक मत रुको, जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए’... का संदेश देने वाले स्वामी विवेकानंद ने दिया है। इसी का अनुसरण कर जनपद के युवाओं ने सफलता की नई इबारत लिखी। आज ये सभी युवा पढ़ाई और खेलों की दुनिया में जनपद का नाम रोशन कर युवाओं के लिए प्रेरणा दायक बने हुए है।
सेना में लेफ्टिनेंट बनकर किया जनपद का नाम रोशन
मलकपुर गांव की बेटी साक्षी तोमर जो जनपद की पहली महिला लेफ्टिनेंट हैं। आर्मी में उच्च पद पर जाकर साक्षी ने यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं हैं। साक्षी का कहना है कि आज लड़कियां पढ़ाई से लेकर खेलकूद के क्षेत्रों में लड़कों की बराबरी कर रही हैं। बस जरूरत तो बेटियां का आत्मविश्वास बढ़ाने की।
पायलट बनकर किया गांव का नाम रोशन
कंडेरा गांव के किसान परिवार की बेटी आरती तोमर देश की नौवीं महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। हैदराबाद के डूंडीगल स्थित एयरफोर्स एकेडमी में संयुक्त स्नातक परेड के दौरान वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने आरती को बैज पहनाकर सम्मानित किया था। आरती का कहना है कि बेटियों को घर से निकलने दें, उन्हें खुला आसमान और बेहतर माहौल दें। परिवार की बंदिशें कम हों, शिक्षा का सही माहौल मिले तो सब कुछ संभव है। ग्रामीण अंचल में आज भी परिवार के लोग संकोच की भावना रखते हैं। जब तक परिवार और माता-पिता नहीं बदलेंगे, तब तक बेटियों को कैसे कामयाबी मिलेगी।
कभी हार न मानने वाले जज्बे को सलाम
हसनपुर जिवानी गांव की बेटी रिचा तोमर ने हैदराबाद में हुई आईपीएस की पासिंग आउट परेड में रिचा को ऑल राउंड लेडी आईपीएस चुना गया था। इससे गांव व परिजनों का सिर गर्व से ऊंचा हो गया। गृहमंत्री अमित शाह ने रिचा तोमर को बेस्ट कैडेट के गोल्ड मेडल से नवाजा था। पढ़ाई से लेकर आईपीएस बनने तक तोमर ने कभी हार न मानने वाले जज्बे के साथ मेहनत कर मुकाम हासिल किया।
बेटियों का है आज का जमाना, उन पर करें भरोसा
यूपीएससी में आठवीं रैंक प्राप्त करने वाली टीकरी की बेटी इशिका राठी का कहना है कि आज का जमाना बेटियों का है। बेटियां हर क्षेत्र में लड़कों की बराबरी कर रही हैं। बेटियां कमजोर नहीं हैं, जरूरत है तो बेटियां का हौसलाअफजाई करने की। इसलिए अभिभावक बेटियां पर भरोसा रखें और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए मौका दें।
कबड्डी में है नितिन तोमर की धाक
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धाक जमाने वाले मलकपुर गांव निवासी नितिन तोमर कबड्डी खिलाड़ियों के प्रेरणा स्त्रोत हैं। वर्ष 2016 में अहमदाबाद में ईरान के साथ खेले गए विश्व कप मैच में नितिन ने अपने शानदार प्रदर्शन से विपक्षी को चित किया था। अब तक नितिन प्रो-कबड्डी लीग के आठ सीजन में धमाल मचा चुके हैं, इस बार अक्तूबर या नवंबर में होने वाले प्रो-कबड्डी लीग सीजन-9 मेें वे धमाल मचाने को तैयार हैं।
16 साल की उम्र में जीता था स्वर्ण पदक
गांव कलीना के अंतरराष्ट्रीय शूटर सौरभ चौधरी पुत्र जगमोहन भी युवाओं के दिलों में राज करते हैं। सौरभ ने 2019 में जकार्ता मेें संपन्न हुए एशियाई खेल में मात्र 16 साल की उम्र में स्वर्ण पदक जीतकर सफलता की नई इबारत लिखी है।