- पुलिस ने चार आरोपियों में केवल एक पर मुकदमे का दबाव बनाया, इंस्पेक्टर ने सोकर आने की बात कही
- पीड़ितों के हंगामा करने और सीओ के पहुंचने पर दर्ज हुआ मुकदमा, तीन को गिरफ्तार कर जेल भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की छात्रा का रास्ते से अपहरण करके दुष्कर्म करने की कोशिश की गई। पीड़िता को लेकर परिजन कोतवाली में पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने अपहरण करने वाले चार युवकों की जगह केवल एक पर मुकदमा कराने के लिए अभद्रता की। इससे कोतवाली में हंगामा हो गया। सूचना पर सीओ मौकेे पर पहुंचे और मामला शांत कराया। इसके बाद ही मुकदमा दर्ज करके तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एक गांव की कक्षा नौ की अनुसूचित जाति की छात्रा बृहस्पतिवार रात को करीब साढ़े ग्यारह बजे अपने चाचा के घर जा रही थी। आरोप है कि रास्ते में दूसरे वर्ग के तीन युवकों सहित चार ने उसका अपहरण कर लिया और उसे जंगल में ले जाकर दुष्कर्म की कोशिश की। शोर मचाने पर हत्या की कोशिश भी की। छात्रा किसी तरह बचकर घर पहुंची और परिजनों को घटना के बारे में बताया। शुक्रवार सुबह वह परिजनों के साथ कोतवाली पहुंची। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने पहले छात्रा और परिजनों संग अभद्रता शुरू कर दी और उन पर केवल एक युवक के नाम ही मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया। इस बारे में इंस्पेक्टर को फोन करके बताया गया तो उन्होंने कहा कि वह अभी सोए हुए है, थाने में तहरीर देकर चले जाए। इसके बाद छात्रा के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सीओ अनुज मिश्रा ने कोतवाली पहुंचकर छानबीन की और इस मामले में मुकदमा दर्ज कराते हुए छात्रा का मेडिकल कराया गया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों साहिल, आरिफ और दिनेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस कर्मी बोले, समझौता कर लो, मुकदमा लिखाकर क्या करोगे
कोतवाली पहुंचे पीड़िता के परिजनों ने बताया कि जब वह मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर देने लगे तो महिला पुलिस कर्मी समेत अन्य ने कहा कि वह समझौता कर लें, मुकदमा लिखवाकर कुछ नहीं होगा। सूचना पर भाजपा के किसान मोर्चा के देहात मंडल अध्यक्ष सुनील मेवला अन्य कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंचे। उन्होंने भी पुलिस के इस रवैये पर रोष जताया।
बसपा नेता भी छात्रा के घर पहुंचे, पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग
बसपा जिलाध्यक्ष मोहित आनंद भी अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ शनिवार को छात्रा के घर पहुंचे। परिजनों से घटना की जानकारी लेने के साथ ही आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में अभद्रता करने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।