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Baghpat News: आत्मशोध के लिए सत्यार्थ बोध प्राप्त करो

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बड़ौत। दिगम्बराचार्य विशुद्धसागर महाराज ने कहा कि लक्ष्य का बोध ही सफलता के निकट ले जाता है। कहा कि दृष्टि मत हटाओ, लक्ष्य पर दृष्टि लगाओ, मंजिल पाओ।
जैनमुनि सोमवार को ऋषभदेव सभागार मेंं आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सत्यार्थ-बोध के बिना आत्म शोध असम्भव है। भव्यात्माओं को आत्म कल्याण के लिए सर्व-प्रथम सत्य का बोध गुरु मुख से उनकी पवित्र-वाणी से प्राप्त करना चाहिए। बोध ही शोध कराता है। बोध के अभाव में शोध नहीं और शोध के बिना कल्याण नहीं। मंजिल तक पहुंचने के लिए मार्ग का बोध होना चाहिए। लक्ष्य का बोध ही सफलता के निकट ले जाता है। प्रबल-पुरुषार्थ, अभ्यास, भाग्योदय पर बनता है कार्य। दृष्टि मत हटाओ, लक्ष्य पर दृष्टि लगाओ, मंजिल पाओ। समय से पहले, भाग्य से अधिक, पुरुषार्थ के बिना किसी को कुछ नहीं मिलता है। पुरुषार्थ कभी व्यर्थ नहीं जाता, अभ्यास अनुभव बढ़ाता है। अभ्यास, अनुभव असम्भव कार्य भी सम्भव हो जाता है। परस्पर एकता, सहयोग, समर्पण से ही मानव विकास कर सकता है। परस्पर एक-दूसरे का यथा-योग्य उपकार करने से संबंध मधुर होते हैं। इस अवसर पर आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के शिष्य मुनि जयंद्र सागर महाराज, मुनि जितेंद्र सागर महाराज और मुनि जयंत सागर महाराज का प्रथम दीक्षा दिवस जैन श्रद्धालुओं द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि गत वर्ष 6 नवंबर 2022 को तीनों मुनिराजों की मुनि दीक्षा आचार्य के सानिध्य में रायपुर छत्तीसगढ़ में हुई थी। सोमवार को श्रद्धालुओं ने तीनों मुनिराजों का पाद प्रक्षालन किया। साथ ही आरती की और उन्हे शास्त्र भेंट किए। सौरभ भवन में आहार के बाद तीनों मुनिराजों को बैंड बाजे के साथ नाचते हुए जैन श्रद्धालु भक्ति भाव से अतिथि भवन में लेकर पहुंचे। सभा में प्रवीण जैन, सुरेंद्र जैन, सुभाष जैन, अतुल जैन, सुनील जैन, विवेक जैन, राकेश जैन, दिनेश जैन, आनंद जैन शामिल रहे।
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