बड़ौत। दिसंबर माह में राजस्व वसूली का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण न करने पर परिवहन विभाग लखनऊ के प्रबंध निदेशक ने बड़ौत डिपो के एआरएम रामदास को निलंबित कर दिया है।
बड़ौत डिपो में 88 बसें निगम की व 59 बसें अनुबंधित संचालित हैं। हालांकि नवंबर माह में डिपो तकरीबन 84 लाख रुपए के फायदे में था, लेकिन दिसंबर माह में दिए गए लक्ष्य से अन्य डिपो की अपेक्षा 25 फीसदी कम रहा। जबकि अन्य डिपो ने दिसंबर माह का राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल कर लिया था। दो दिन पहले हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी बड़ौत डिपो द्वारा शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने पर नाराजगी जताई की गई थी।
बसें बढ़ी लेकिन घट गई आमदनी
अमर उजाला ने 15 दिसंबर को बसें बढी, किमी बढे, लेकिन घट गई आमदनी शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि पहले डिपो में निगम की 64 व 62 अनुबंधित बसों का संचालन होता था और रोडवेज को अच्छी आमदनी होती थी, लेकिन 20 से अधिक बस बढ़ाए जाने व पहले के मुकाबले प्रतिदिन छह हजार किमी चलने के बावजूद भी रोडवेज का राजस्व घट रहा है और रोडवेज को 15 दिन में तकरीबन 40 लाख का नुकसान हुआ है।
वर्जन -
बड़ौत डिपो के एआरएम दिसंबर माह का शत-प्रतिशत राजस्व वसूली लक्ष्य पूर्ण नहीं कर पाए। जिस कारण प्रबंध निदेशक निगम के प्रबंधक मासूम अली सरवर ने नाराजगी जताई थी। इन्हीं कारणों की वजह से एआरएम रामदास को निलंबित किया गया है। - लोकेश कुमार राजपूत आरएम मेरठ।
वर्जन -
बड़ौत डिपो को दिसंबर माह का जो राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था, उसमें से 75 फीसदी से अधिक लक्ष्य पूर्ण हो चुका है। अन्य 30 डिपो का राजस्व वसूली लक्ष्य बड़ौत डिपो से भी कम है। निलंबन की कार्रवाई क्यों की गई है, इसकी सही जानकारी नहीं हुई है। हो सकता है कि विभाग के ही किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी ने झूठी शिकायत कराकर यह कार्रवाई मेरे खिलाफ कराई हो। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से मिलकर बातचीत करूंगा। - रामदास एआरएम बड़ौत।