बागपत। अपने कार्यालयों में देरी से पहुंचने वाले अफसरों ने अपने बचाव के लिए नए-नए तर्क दिए है। किसी ने रास्ते में जाम होने के कारण फंसने की बात कही है तो कोई टेंपो खराब होने के कारण देरी से पहुंचने की बात कह रहा है। इसके अलावा कुछ अधिकारियों ने बीमार तो कुछ ने विभाग के कार्यालय से बाहर जाने की बात कही है। इन्होंने अपना स्पष्टीकरण सीडीओ को भेजकर रोका गया वेतन जारी करने की गुहार लगाई है।
जाम में फंसने के कारण हुई देरी
बाल कल्याण समिति की सदस्य सरिता चौधरी ने अपने स्पष्टीकरण में बताया कि वह सही समय पर घर से कार्यालय के लिए निकली थी, लेकिन दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर एलिवेटिड रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। जहां जाम में फंसने के कारण कार्यालय पहुंचने में देर हो गई। उन्होंने स्पष्टीकरण भेजकर रोका गया वेतन जारी करने की मांग की।
रास्ते में टेंपो हो गया खराब
बाल कल्याण समिति की सदस्य विमलेश यादव ने बताया कि 20 जुलाई को वह सही समय पर कार्यालय के लिए चली थी, लेकिन सिसाना और कलक्ट्रेट के बीच टेंपो खराब हो गया। जहां काफी देर बाद भी दूसरा टेंपो नहीं मिलने के कारण कार्यालय पहुंचने में देर हो गई।
उद्योग विभाग की उपायुक्त की बेटी हो गई थी बीमार
सीडीओ के निरीक्षण में 20 जुलाई को अनुपस्थित मिली उद्योग विभाग की उपायुक्त अर्चना तिवारी ने बताया कि 20 जुलाई को उनकी बेटी बीमार हो गई थी। जिसे दवा दिलाने के कारण वह देरी से कार्यालय पहुंची। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के बाद उन्होंने उपस्थिति पंजिका में अपना नाम दर्ज कर लिया।
लेखाकार ने कहा, हस्ताक्षर कर चला गया था कोषागार
सिंचाई विभाग खंड बड़ौत के प्रभागीय लेखाकार आदित्य स्वरूप ने बताया कि निरीक्षण के समय वह कार्यालय पहुंचकर विभाग के कार्य के लिए कोषागार चला गया था। जिस कारण निरीक्षण में अनुपस्थित मिले।
विभाग के कार्य से गया था
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में तैनात वरिष्ठ सहायक होविंद प्रकाश ने स्पष्टीकरण में बताया कि निरीक्षण के समय वह विभाग के कार्य से मुस्लिम इंटर काॅलेज असारा गया था। उन्होंने पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए वेतन जारी करने की मांग की।
कई कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर उपस्थिति पंजिका समेत अन्य व्यवस्था देखी गई थी। जहां नदारद मिलने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। जिसमें सभी ने अलग-अलग कारण बताए है। जिन्होंने अपना स्पष्टीकरण नहीं भेजा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - एमएल व्यास, सीडीओ