फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रियो में अंकुर दिखाएगा दम

Fri, 19 Aug 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
अंकुर धामा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
पैरा एथलीट अंकुर धामा नए रिकॉर्ड के साथ रियो में होने वाले पैरा ओलंपिक के लिए रवाना होगा। देश के किसी एथलीट ने पहली बार 15 सौ मीटर दौड़ के लिए क्वालीफाई किया है। वह कहता है कि लक्ष्य केवल देश को पदक दिलाना है। इसके लिए वह तैयारी में जुटा है।
विज्ञापन


खेकड़ा की पट्टी रामपुर के किसान परिवार के अंकुर की आंखों में रोशनी नहीं है, लेकिन हौसले की बदौलत अंकुर धामा ने न केवल नई जिंदगी शुरू की, ब्लकि वह देश के टॉप एथलीटों में शामिल है। इंचियोन के एशियन खेलों में एक रजत और दो कांस्य पदक जीतकर अंकुर ने कामयाबी इबारत लिखी थी।

ब्राजील के रियो डि जेनोरिया में सात से 18 सितंबर तक पैरा खिलाड़ियों के ओलंपिक होंगे। 
खास बात यह है कि देश की तरफ से अंकुर ऐसा पहला खिलाड़ी है, जिसने 15 सौ मीटर दौड़ में क्वालीफाई किया है। वह कहता है कि उसका लक्ष्य केवल क्वालीफाई करना ही नहीं, ब्लकि देश को पदक दिलाने का है।
विज्ञापन


द्रोणाचार्य अवार्डी कोच डॉ. सत्यपाल सिंह के निर्देशन में इन दिनों वह दिल्ली में पसीना बहा रहा है। उसके गाइड विपिन कुमार को उम्मीद है अंकुर पदक लेकर लौटेगा। भाई गौरव धामा के अनुसार अंकुर ने अपने दम पर पहचान बनाई है।

रोशनी गई, लेकिन रोशन है जिंदगी
खेकड़ा के किसान इंद्रपाल सिंह के बेटे अंकुर की आंखों में बचपन के दिनों में दुल्हैडी के दिन केमिकल वाला रंग गिर गया था। खूब इलाज कराया, लेकिन रोशनी चली गई। मां संतोष देवी, भाई गौरव धामा और बहन अंशु धामा निराश थे, लेकिन नाउम्मीद कभी नहीं रहे।

एक व्यक्ति के कहने पर अंकुर का एडमीशन दिल्ली के ब्लाइंड बच्चों के स्कूल में करा दिया। यहां से अंकुर की जिंदगी बदली। दौड़ में माहिर इस खिलाड़ी ने 800, 1500 और 5000 मीटर में कई मेडल जीते।

यूं खेला लाल
वर्ष 2014 में इंचियोना के पैरा एथलीट खेलों की 800 मीटर दौड़ में रजत, 1500 और 5000 मीटर दौड़ मेें कांस्य पदक जीते। वर्ष 2014 में शारजहां में हुई ओपन एशियन चैंपियनशिप में 1500 मीटर में स्वर्ण और 800 मीटर में कांस्य पदक जीता।

इसी साल दुबई में हुई इंटरनेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 800 मीटर में सिल्वर और 1500 मीटर में कांस्य पदक जीता। वर्ष 2012 में हुई एशियन चैंपियन में दो स्वर्ण पदक जीतकर तहलका मचाया।
विज्ञापन


अनदेखी
खेकड़ा के लाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमाल का प्रदर्शन किया है, लेकिन यूपी सरकार को उपलब्धि नजर नहीं आती।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें