बागपत। कानपुर में किसानों के साथ किए गए भेदभाव और भाकियू नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर जिले के किसानों में गुस्सा है। भाकियू नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा।
मंगलवार को भाकियू नेताओं के नेतृत्व में किसान कलक्ट्रेट में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कानपुर में किसानों की जमीन का मुआवजा न देने और भाकियू नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह ने बताया कानपुर में 1850 किसानों से पावर प्लांट के जमीन का अधिग्रहण किया था, लेकिन आज तक मुआवजा नहीं दिया। जबकि अधिग्रहीत भूमि का चार गुणा मुआवजा देने की बात कहीं गई। इस मांग को लेकर किसान अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे हैं। इस दौरान भाकियू नेताओं और किसानों को भी गिरफ्तार किया और महिलाओं का उत्पीड़न किया।
इस दौरान भाकियू ने मुख्यमंत्री से गिरफ्तार भाकियू कार्यकर्ता निरंजन सिंह और विशाखा को रिहा कर दर्ज मुकदमे खारिज करने, नए सर्किल रेट से चार गुणा मुआवजा देने, प्रभावित किसानों को योग्यतानुसार नौकरी देने, पीड़ित परिवार को पांच-पांच लाख का मुआवजा देने, भूमिहीन परिवारों के सदस्यों को योग्यतानुसार नौकरी देने, किसानों और फसल, बोरवेल, तार ट्रांसफार्मर, खंभे, 2011 से आज तक फसल का मुआवजा देने, मानवाधिकारों का हनन करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर अविलंब संबंधित अफसरों को गिरफ्तार करने आदि मांगों को लेकर ज्ञापन डीएम को सौंपा।
उन्होंने मांगों पर जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इसमें धूम सिंह, भगत जी, हरेंद्र दांगी, प्रदीप गुर्जर, कालीचरण, ब्रहम सिंह यादव, हरनारायण, आदेश त्यागी, ठाकुर ओमपाल सिंह, तेजपाल दांगी, ब्रहम सिंह, मोनू चौहान आदि रहे।