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सिविल सेवा परीक्षा में आंचल चौहान ने छू लिया आसमां

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बागपत के चौहान एंक्लेव कालोनी में आंचल चौहान को मिठाई खिलाते परिजन - फोटो : BAGHPAT
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सिविल सेवा परीक्षा में आंचल चौहान ने छू लिया आसमां
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बड़ौत रोड स्थित चौहान एंक्लेव निवासी आंचल ने हासिल की 183वीं रैंक, भूगोल रहा विषय
सांसद, विधायकों समेत बधाई देने वालों का लगा तांता
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। सिविल सर्विस परीक्षा-2019 के परिणाम बुधवार को घोषित कर दिए गए। जिले की बेटी आंचल चौहान ने 183वीं रैंक हासिल कर कामयाबी के शिखर को छू लिया। चार साल से तैयारी कर रही होनहार बेटी को चौथे प्रयास में सफलता मिली। आंचल के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है।
बड़ौत रोड स्थित चौहान एंक्लेव निवासी भाजपा नेता अजय चौहान की बेटी आंचल चौहान ने सिविल सेवा में कामयाबी हासिल की है। आंचल ने बताया कि साल 2016 में बीटेक करने के बाद तैयारी शुरू की थी। दो बार प्री परीक्षा में सफल हुई, लेकिन मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू तक नहीं पहुंच पाई थी। इस बार और कड़ी मेहनत की। मुख्य परीक्षा पास करने के बाद इंटरव्यू के लिए कॉल आई तो खुशी का ठिकाना नहीं था। भरोसा था कि इंटरव्यू वह पास कर लेंगी। मंगलवार को नतीजे आए तो अनुमान सही साबित हुआ। आंचल का कहना है कि मेरी कामयाबी में पिता अजय चौहान, माता अनीता चौहान, चाची सुषमा चौहान, भाई बलवान चौहान और बहन अनुभा चौहान का सबसे ज्यादा योगदान रहा।
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माता-पिता ने दी आईएएस परीक्षा की जानकारी
आंचल चौहान बताती हैं कि आईएएस की परीक्षा के ख्वाब की शुरुआत माता-पिता से हुई। पापा ने आईएएस के विषय में जानकारी दी। इसके बाद मम्मी ने उसका पूरा मतलब समझाया। स्कूल के कार्यक्रमों में जिले के डीएम आते तो वह अपने सपने को और अधिक मजबूत करती थी।
इस तरह आंचल ने चढ़ीं सीढ़ियां
आंचल चौहान बताती हैं कि उन्होंने दसवीं कक्षा तक क्रिस्तु ज्योति पब्लिक स्कूल बागपत से पढ़ाई की। साल 2010 में दसवीं में उनके 85 प्रतिशत अंक थे। पापा ने इसके बाद डीपीएस सोनीपत में एडमिशन कराया। यहां 12वीं में 93 फीसदी अंक मिले। अमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा से बीटेक में 90 फीसदी अंक मिले। दिल्ली के राजेंद्र नगर से सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। सेलेबस देखकर भूगोल विषय का चुनाव किया। शुरुआत में दिक्कत हुई, लेकिन इसके बाद रास्ते बनते चले गए।
इस तरह पूछे गए सवाल
आंचल चौहान ने बताया कि इंटरव्यू में सवाल पूछा गया कि बागपत में चेतावनी या एलान करने के बाद धरने प्रदर्शन और आंदोलन होते हैं। अगर आप डीएम होंगी तो कैसे समाधान निकालेंगी। उन्होंने जवाब दिया कि बागपत के लोग जागरूक हैं। चेतावनी इसलिए देते हैं कि उनका काम पहले ही हो जाए और सड़कों पर न उतरना पड़े। इसके बाद दूसरा सवाल पूछा, लड़कियों को प्रशासनिक सेवा में क्यों आना चाहिए। इस पर उनका जवाब था कि अगर लड़कियां सिविल सेवा में होंगी तो महिलाओं से जुड़े मुद्दों का तेज गति से समाधान होगा।
पढ़ाई घंटों से नहीं, मन से करें
आंचल का कहना है कि पढ़ाई को कभी घंटों में नहीं बांधा जाना चाहिए। गुणवत्ता तय की जाए। अच्छे से पढ़ा जाना चाहिए। माता-पिता बच्चों को किसी भी चीज के लिए बाध्य न करें। उन्हें खुद तैयारी करने दें।
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शिक्षा क्षेत्र का प्रयोगात्मक होना जरूरी
आंचल चौहान कहती हैं कि शिक्षा क्षेत्र का प्रयोगात्मक होना जरूरी है। वह शिक्षा के क्षेत्र में ही काम करना चाहती हैं।
बधाइयां देने वालों का तांता
चौहान एंक्लेव स्थित अजय चौहान के घर पर बधाइयां देने वालों का तांता लगा है। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, भाजपा विधायक योगेश धामा, विधायक सहेंद्र सिंह रमाला, विधायक केपी मलिक, पूर्व मंत्री कुलदीप उज्ज्वल समेत अन्य लोगों ने आंचल को बधाई दी। सोशल मीडिया पर भी आंचल को बधाई देने का सिलसिला जारी रहा।
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