जिले में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए अमृत सरोवरों की होगी देखभाल, पौधरोपण कर ग्राम पंचायतों को सौंपी जाएगी संरक्षण की जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत तालाबों की हालत सुधरने वाली है। इसमें यहां 100 तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में तब्दील करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अमृत सरोवरों में गांवों का दूषित पाने डालने से रोका जाएगा और उनके चारों तरफ पौधरोपण कर ग्राम पंचायतों को उसके संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। अफसरों का दावा है कि तालाबों का संरक्षण होने से वर्षा जल संचय होगा, इससे भूजल स्तर भी बढ़ेगा।
ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह का आदेश मिलने के बाद अधिकारियों ने ग्रामीण व शहरी इलाकों के तालाबों का चिन्हांकन शुरू किया। जिसमें अफसरों ने जिलेभर में एक एकड़ से अधिक भूमि वाले तालाबों की सूची तैयार की। उन्हें अमृत सरोवर बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी। ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक विद्यानाथ शुक्ल ने बताया कि एक एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले 100 तालाबों की सूची बनाकर शासन को भेज दी गई है। जहां अमृत सरोवर स्थापित करने के बाद चारों तरफ नीम, पीपल, कटहल, जामुन, बरगद, सहजन, पाकड़, महुआ आदि के पौधे लगाए जाएंगे।
केंद्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग व मनरेगा से बजट होगा खर्च
ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक ने बताया कि अमृत सरोवरों के विकास का कार्य में ग्राम पंचायतों के केन्द्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग व मनरेगा योजना का बजट खर्च किया जाएगा।
अमृत सरोवर में नहीं डाला जाएगा दूषित पानी
जिले में चिह्नित किए गए तालाबों को अमृत सरोवर बनाने के बाद उसमें आने वाले नालों का दूषित पानी भी रोका जाएगा। भविष्य में दूषित पानी को अमृत सरोवर में जाने से रोकने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी जाएगी।