दोघट के सरोरा गांव में दूषित पानी देने वाले हैंडपंप को उखाड़ते जल निगम के कर्मचारी
- फोटो : amar ujala
बागपत के दोघट में हिंडन नदी से प्रभावित सरोरा गांव में दूषित पानी दे रहे हैंडपंपों को उखाड़ने गई जल निगम की टीम को ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। निगम की टीम ने विरोध के बीच 18 हैंडपंपों को उखाड़ दिया है। ग्रामीणों ने पेयजल की व्यवस्था कराने के लिए तहसील में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
एनजीटी के आदेश पर बृहस्पतिवार को जल निगम बागपत की टीम हिंडन नदी के किनारे बसे सरोरा गांव पहुंची और दूषित पानी दे रहे हैंडपंपों को उखाड़ने का काम शुरू किया। ग्रामीणों ने जबरदस्त विरोध करते हुए काम रुकवा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि पहले गांव में पेयजल की व्यवस्था कराई जाए, उसके बाद ही वे हैंडपंप उखाड़ने देंगे। दो घंटे तक चले हंगामे के बाद जल निगम के एसडीओ साहब सिंह व जेई विनोद गांव पहुंचे और हंगामा कर रहे ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही गांव में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करा दी जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि हैंडपंप उखाड़े जाने से गांव में पेयजल संकट छा गया है। विरोध करने वालों में राजपाल, रमेश, राजवीर, राजेश, कुलदीप, चंद्रपाल, विमलेश, शिमला, सुनील, मिंटू आदि थे। ग्राम प्रधान राजीव कुमार का कहना है कि पेयजल की व्यवस्था कराए बिना ही हैंडपंप उखाड़े जा रहे हैं।