बागपत। जिला सिंचाई समिति की बैठक में किसानों ने चौगामा नहर में पानी नहीं आने, तालाबों की खोदाई नहीं होने, गांवों में गंदगी का अंबार लगा होने, ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने जैसी समस्याओं को उठाया। जिस पर अधिकारियों ने उनके निराकरण का आश्वासन दिया।
किसानों ने बंदर ज्यादा होने से उनके आतंक की समस्या उठाई तो अध्यक्ष जसवीर सोलंकी बोले कि लंगूर पालिए, फिर बंदर दिखाई नहीं देंगे।
विकास भवन में मंगलवार को जिला सिंचाई बंधु समिति के अध्यक्ष जसबीर सोलंकी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने बड़ौत में पूर्वी यमुना नहर के पास बिजली का जर्जर खंभा हटाकर नया खंभा लगाने के बाद भी इस समस्या को लंबित दिखाने पर एक्सईएन सिंचाई से स्पष्टीकरण तलब किया। वहां भगवानपुर में नहर पटरी पर खडंजा निर्माण कराने, जिवाना गुलियान तथा बड़का गांवों में तालाबों की खोदाई कराने, चौगामा नहर में पर्याप्त पानी नहीं आने तथा निराश्रित गोवंश की समस्या उठाई।
वहां पवन शर्मा ने कहा कि वाजिदपुर गांव में 250 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर ओवरलोड है, जिसकी जगह 400 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की। कहा कि बंदरों की भरमार हो रही है और वह बच्चों व महिलाओं पर हमला करते हैं। इसपर अध्यक्ष जसबीर सोलंकी बोले कि जंगल खत्म होते जा रहे हैं, इसलिए बंदरों को रहने के लिए जगह कहां बची है। लंगूर पालिए फिर बंदर खुद ही भाग जाएंगे।
सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने बैठक में खुद नहीं आने या प्रतिनिधि नहीं भेजने पर शामली के सिंचाई विभाग के एक्सईएन से जवाब तलब करने का निर्देश दिया। ऊर्जा निगम के एसई केपी खान, एक्सईएन आरपी सिंह, एसडीओ सिंचाई सूरजपाल सिंह, अवर अभियंता लघु सिंचाई अमित देशवाल व एडवोकेट बिजेंद्र शर्मा, रविंद्र आर्य, सत्यवीर सिंह बड़का, नरेंद्र चौहान, विजयपाल चौहान, महिपाल सिंह मौजूद रहे।