मृत घोषित करने पर भटकते रहे परिजन
स्वास्थ्य विभाग के डाटा में गड़बड़ी किए जाने से गौरीपुर जवाहरनगर निवासी पवन कुमार अपनी पत्नी मुनेश की कोरोना संक्रमण से मौत होने के बाद भी भटकता रहा। उसकी मौत जिला अस्पताल में हुई थी, लेकिन उसका नाम मृतकों की सूची में दर्ज नहीं किया गया।
झूंडपुर गांव निवासी विनय कुमार के पिता सुरेंद्र शर्मा की खेकड़ा के कोविड अस्पताल में मौत हो गई थी। मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत का कारण कोरोना संक्रमण लिखा हुआ था। इसके बावजूद सूची में नाम शामिल नहीं किया गया। उन्हें सूची में नाम शामिल कराने के लिए भटकना पड़ा। इस तरह के केवल दो मामले नहीं थे, बल्कि 100 से ज्यादा ऐसे मामले सामने आए और डाटा बाद में दुरुस्त किया गया।
यहां ऐसे काफी लोग थे, जिनकी कोरोना से मौत होने के बाद भी नाम सूची में नहीं था। उनके कागज दिखाने के बाद नाम सूची में शामिल किए गए थे। जिन जिंदा को मरा दिखाया गया था। वह त्रुटि डाटा फीड करते हु हुई थी। उसे दुरुस्त करा दिया गया था।-डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ