किसान राजनीति में शून्य उत्पन्न
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष ने किसान मजदूर गरीब गांव की आवाज को बुलंद किया। उनके हक के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष किया। उनके निधन से भारतीय किसान राजनीति में बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है। -सोमेंद्र ढाका, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष व ओमबीर सिंह जिलाध्यक्ष बागपत
प्रभु श्री चरणों में स्थान दें
किसानों व मजदूरों के सच्चे रहनुमा चले गए। चौधरी अजित सिंह की पूर्ति नहीं हो सकती है। प्रभु उनकी आत्मा को श्री चरणों में स्थान दे।-डॉ. अजय तोमर, पूर्व विधायक
किसान राजनीति का अध्याय खत्म
चौधरी अजित सिंह के जाने से किसान युग का एक अध्याय समाप्त हो गया। यह मेरी निजी क्षति भी है। आजीवन किसानों के मुद्दों को हल करने के लिए प्रयासरत रहे।-डॉ. अजय कुमार, पूर्व विधायक
किसान व मजदूर वर्ग की हानि
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजित सिंह किसानों के बड़े नेता थे। उनकी मृत्यु से किसान व मजदूरों को हानि पहुंची है। जिसे पूरा नहीं किया जा सकता।-वीरपाल राठी, पूर्व विधायक
युवा रालोद जिलाध्यक्ष प्रमेन्द्र तोमर, पूर्व प्रमुख सतेेंद्र मलिक, पूर्व राज्यमंत्री डॉ. ओमवीर सिंह तोमर, रालोद सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेशध्यक्ष कर्नल ब्रहमपाल सिंह तोमर, शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक डॉ. अमित राय जैन, पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भाजपा विनोद जैन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश चौधरी, थांबेदार चौधरी ब्रजपाल विक्रम सिंह राणा सहित बलजोर सिंह आर्य आदि ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।