खंगाला जा रहा कुख्यात अजीत उर्फ हप्पू की संपत्ति का ब्यौरा
बड़ौत। कानपुर में पुलिस कर्मियों की शहादत के बाद कुख्यात बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के लिए ऑप्रेशन क्लीन तैयार किया गया है। जनपद के एक लाख के इनामी रहे अजीत उर्फ हप्पू को इसकी सूची में शामिल किया गया है। यह सूची जारी होने के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है और अजीत हप्पू की संपत्ति का ब्यौरा जुटाने में जुट गया है। उधर, गांव में अजित उर्फ हप्पू का मकान खंडहर हालत में है।
एक लाख का इनामी रहा अजीत उर्फ हप्पू पुत्र महेंद्र सिंह बावली गांव का रहने वाला है। वर्ष 2000 में हप्पू पर उसकी चाची सुखबीरी की हत्या का आरोप लगा था। वर्ष 2015 में उसे बावली में राजकुमार और उसके भाई जयवीर की हत्या में नामजद किया गया। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी मांगने, गैंगस्टर, बलवा, कातिलाना हमले के करीब 22 मुकदमे दर्ज हैं। मार्च 2018 में गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया था।
पुलिस नहीं जानती कहां गई हप्पू की एके 47
बड़ौत। पुलिस के मुताबिक हप्पू ने परमवीर तुगाना के साथ मिलकर एक लाख के इनामी रहे प्रमोद गांगनौली को मौत के घाट उतारा था। उसके पास प्रमोद राठी गैंग की एके 47 थी। गिरफ्तारी के एक साल बाद भी पुलिस यह पता नहीं लगा सकी है कि हप्पू की एके 47 कहां है।
अजीत उर्फ हप्पू का बावली गांव स्थित मकान इस समय खंडहर पड़ा हुआ है। फिलहाल पुलिस टीम भेजकर उसकी संपत्ति का ब्यौरा खंगाला जा रहा है। पूरा ब्यौरा आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - आलोक कुमार, सीओ।
डीजीपी मुख्यालय से जारी सूची में अजीत उर्फ हप्पू का नाम शामिल किया गया है। अभी यह स्पृष्ट नहीं हुआ है कि सूची में शामिल अजीत उर्फ हप्पू की संपत्ति को जब्त करना है या नहीं। फिलहाल अजीत बरेली जेल में बंद है और उसके आपराधिक मामले कोर्ट में विचाराधीन है। जब तक कोर्ट आदेश नहीं देती, कार्रवाई करना कैसे संभव हो सकता है। - दुर्गेश मिश्र, एसडीएम।