बागपत। दो दिन बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में हुए नुकसान के कृषि विभाग के आकलन को किसानों ने हवा-हवाई बताया।
किसानों ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी कार्यालय में बैठकर नुकसान का सर्वे करने के बजाय खेतों में जाए। जिससे सही आंकलन का पता चलेगा और किसानों को नुकसान का सही मुआवजा मिल सकेगा। किसानों ने नुकसान का आकलन कम बताने पर नाराजगी भी जताई। उधर किसान नेताओं ने किसानों को नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की।
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पहले गोवंशों ने, अब बेमौसम बारिश ने किए बर्बाद
जिले में किसानों के सामने पहले आवारा गोवंशों की समस्या बनी हुई थी। जिसमें किसानों ने आवारा गोवंशों से फसल को बचाने के लिए खेतों में रातभर रखवाली की। आलू उगाने वाले किसान मंदी की चपेट में आ गए, जबकि गेहूं, सब्जी उगाने वाले किसानों को बेमौसम बारिश ने बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया। कृषि विभाग के अधिकारी नुकसान का सही आकलन करने के लिए खेतों में जाए और किसानों की समस्या का समाधान कराए। - प्रताप सिंह गुर्जर, भाकियू जिलाध्यक्ष
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किसानों की समस्या सुने अधिकारी
ओलावृष्टि और बारिश से फसल बर्बाद होने के बाद गेहूं, सब्जी व अन्य फसल उगाने वाले किसान लगातार अफसरों के कार्यालय में चक्कर लगाकर नुकसान का मुआवजा देने की मांग कर रहे है, लेकिन कृषि विभाग ने आकलन में सिर्फ 16 फीसदी नुकसान बताया है। जिससे किसान मानसिक रूप परेशान हो गए है। अधिकारी नुकसान का सही आंकलन कर किसानों को मुआवजा दिलाए। - अनु मलिक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, किसान मजदूर संगठन।
खेत खाली कराने के लिए भी देनी पड़ेगी मजदूरी
बारिश व ओलावृष्टि से लगभग पूरी फसल बर्बाद हो गई है और पूरी फसल लेट गई है। अब खराब हुई फसल से खेत को खाली कराने के लिए भी मजदूरी देनी पड़ेगी। उधर कृषि विभाग ने फसल में सिर्फ 16 फीसदी नुकसान बताया, जो काफी कम है। कृषि विभाग के अधिकारी फसल के नुकसान का सही आकलन करें, जिससे किसानों को नुकसान का मुआवजा मिल सके। - सतीश कुमार
किसानों का दर्द समझे अधिकारी
बारिश व ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने पर किसान दर्द से कराह रहा है, लेकिन अधिकारियों ने मामूली नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी है। अधिकारी किसानों की मेहनत और उनका दर्द समझे और नुकसान की सही रिपोर्ट बनाए। जिससे किसानों के नुकसान की भरपाई हो सके। - सतेंद्र नैन
वर्जन
-कृषि विभाग व बीमा कंपनी की टीमों ने क्षेत्र में जाकर सर्वे कर रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें खुद भी कई गांवों में जाकर नुकसान का आकलन किया। सब्जी की फसल में नुकसान का आंकलन कर लिया गया है। जबकि गेहूं की फसल में नुकसान का सही आंकलन क्राप कटिंग से मिलेगा। इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बीम कंपनी के प्रतिनिधियों की ड्यूटी लगाई गई है। - बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी।