- जिले में इस बार वार्ड आरक्षण में भी बड़े बदलाव की संभावना
- वार्ड 21 के बजाए इस बार जिले में 20 वार्ड में होना है चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। जिला पंचायत का आंशिक परिसीमन फाइनल हो जाने के बाद अब चुनाव की तैयारी में जुटे संभावित प्रत्याशियों की नजर आरक्षण पर टिकी है। एक वार्ड कम हो जाने के कारण आरक्षण किस तरह होगा, इस पर सभी की निगाहें है।
जिला पंचायत चुनाव के लिए जिले में इस बार वार्ड 13 से 20 तक आंशिक परिसीमन हुआ है। वर्ष 2015 के चुनाव के आधार पर वार्ड एक से 12 रखे गए हैं। पिछले चुनाव में 21 वार्ड पर चुनाव हुए थे, जबकि इस बार जिले में बीस वार्ड पर चुनाव होंगे। दावेदारों के बीच होर्डिंग वार शुरू हो चुकी है। संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्र में पोस्टर भी चस्पा किए हैं, लेकिन आरक्षण फाइनल नहीं हुआ है। दावेदारों की निगाह इस बात पर टिकी है कि आरक्षण किस क्रम में रखा जाएगा।
रटौल में नहीं होंगे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव
बागपत। रटौल के नगर पंचायत बन जाने के बाद इस बार ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में ग्रामीण वोट नहीं कर सकेंगे। गांव के निकाय बनने की प्रक्रिया चल रही है, ऐसे में यहां पहले प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। अन्य निकायों के साथ ही यहां भी चुनाव होंगे।
सिंबल के फेर में अटके प्रत्याशी
बागपत। राजनीतिक दलों ने सिंबल पर चुनाव लड़ाने का एलान किया था। लेकिन अब भाजपा संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि समर्थित उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाएगा। रालोद और सपा के गणित पर लोगों की निगाह टिकी है। आम आदमी पार्टी चुनाव की तैयारी में जुटी है, जबकि बसपा और कांग्रेस भी चुनाव मैदान में समर्थित प्रत्याशी उतार सकती है।