-नगर के शहर स्थानक में हुई धर्मसभा, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जैन संत नरेश चंद्र मुनि ने बृहस्पतिवार को नगर के शहर स्थानक में आयोजित धर्मसभा में स्वस्थ जीवन के लिए शाकाहार को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि सात्विक भोजन ही स्वस्थ जीवन का आधार है। मुनि ने रात्रि भोज त्यागने और नियमित व्रत रखने का भी आह्वान किया, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो सके।
मुनि नरेश चंद्र ने अपने प्रवचन में कहा कि रात में सोने से तीन से चार घंटे पहले भोजन करना चाहिए। उनके अनुसार, रात्रि भोज का त्याग ब्रह्मचर्य व्रत की साधना को निर्विघ्न रूप से पूरा करने में सहायक होता है। उन्होंने दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही डिप्रेशन और कैंसर जैसी बीमारियों पर चिंता व्यक्त की। मुनि ने कहा कि समाज का युवा वर्ग भी इन गंभीर बीमारियों का शिकार बन रहा है। इन समस्याओं से बचने के लिए उन्होंने सप्ताह में कम से कम एक दिन व्रत रखने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त, मुनि ने शारीरिक श्रम के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से मेहनत करके शरीर से ज्यादा से ज्यादा पसीना बहाने का प्रयास करने को कहा। मुनि ने यह भी कहा कि सात्विक भोजन ही स्वस्थ जीवन का वास्तविक आधार है। उन्होंने अपने साथ दूसरों को भी शाकाहार अपनाने के लिए जागरूक करने का आग्रह किया।
इस मौके पर मुकुल, अभिनव, अनुज, आशीष, सम्यक, सौरभ, सिद्धम आदि उपस्थित रहे।