बागपत के रमाला क्षेत्र के गांव किरठल के युवक पर पांच साल पूर्व हुए जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने आरोपी को छह साल कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। उसकी पत्नी समेत दो आरोपियों को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।
किरठल गांव के युवक जितेंद्र ने रमाला थाना पर 19 मई 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह घर से बाहर गया हुआ था। उसकी पत्नी मकान में कार्य कर रही थी। इसी दौरान गांव के ही गजेंद्र, उसकी पत्नी प्रेम के अलावा इंद्रपाल घर पर पहुंचे और उसकी पत्नी के साथ गाली-गलौज कर मारपीट करने लगे। मकान के बाथरूम में उसका भाई नरेश स्नान कर रहा था।
शोर-शराबा सुनकर नरेश ने वहां पर पहुंचकर अपनी भाभी की जान बचाने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपियों ने जान से मारने की नियत से गोली चला दी। एक गोली नरेश को लगी तथा दूसरी गोली मकान के गेट में। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। केस एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में चल रहा था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र यादव ने बताया कि कोर्ट में आठ लोगों की गवाही हुई। कोर्ट ने आरोपी गजेंद्र को जानलेवा हमले का दोषी मानते हुए छह साल के कारावास की सजा और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपी प्रेम और इंद्रपाल को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है।