-कोर्स पूरा करने के लिए काेंचिग सेंटरों का सहारा ले रहे छात्र
बड़ौत। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा जारी किया गया शैक्षिक कलैंडर बिगड़ गया है। ऐसे मेंं 60 फीसदी से अधिक कोर्स अभी अधूरा पड़ा है। शैक्षिक कलैंडर बिगड़ने से न पढ़ाई शुरू हो पाती है और न ही एग्जाम। कक्षाएं खाली पड़ी रहती हैं।
बता दें कि विवि द्वारा जो शैक्षिक कलैंडर हर बार घोषित किया जाता है, उसके अनुसार कभी दाखिले, पढ़ाई, एग्जाम नहीं होते। देरी से जारी होने वाली मेरिट के बाद दाखिले की तिथियां आगे बढ़ती रहती हैं, जिस कारण काफी समय बीत जाता है। इसके बाद परीक्षा फार्म भरना, बैक पेपर एग्जाम, सेमेस्टर एग्जाम, प्राइवेट एग्जाम फार्म में लगभग 60 फीसदी सत्र बीत जाता है। 40 फीसदी सत्र में पढ़ाई, प्रैक्टिकल पूर्ण करने होते हैं। छात्र काफी परेशान रहते हैं, क्योंकि उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। कक्षाओं में पढ़ाई शुरू होने के इंतजार में शिक्षक भी रहते हैं और छात्र भी, लेकिन अन्य कामों के चलते व्यस्ततम शेड्यूल रहने के कारण शैक्षिक कलैंडर गड़बड़ा जाता है। ऐसे में छात्र अपना कोर्स पूरा कराने के लिए कोचिंग का सहारा लेते हैं। इस संबंध में दिगम्बर जैन कॉलेज के प्राचार्य डॉ़ वीरेंद्र सिंह का कहना है कि शैक्षिक कलैंडर के अनुसार नियमित क्लास चलाकर छात्रों का कोर्स पूरा कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है।