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इक्नॉमिक कॉरिडोर के लिए 790 पेड़ों पर चलेगा आरा

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बड़ौत (बागपत)। तहसील क्षेत्र के 18 गांवों से गुजरने वाले इक्नोमिक कॉरिडोर के लिए 790 पेड़ों की बली चढ़ेगी। पेड़ों की कीमत का मूल्यांकन कर लिया गया है। पेड़ों के कटते ही दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इक्नोमिक कॉरिडोर से हरियाली गायब हो जाएगी। पेड़ों की कीमत लाखों में आंकी गई है।
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एनसीआर में हरियाली कम होने और बढ़ते प्रदूषण को लेकर एनजीटी सख्त रुख अख्तियार कर चुकी है। इसके बावजूद हरियाली को लगातार खत्म किया जा रहा है। हरियाली को खत्म करके पूरा क्षेत्र कंकरीट में तब्दील होता जा रहा है। अब जल्द ही इक्नोमिक कॉरिडोर के लिए पेड़ों का कटान किया जाएगा।
इन गांवों से गुजरेगा इक्नोमिक कॉरिडोर
बाईपास को इक्नोमिक कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। रिंग रोड बनने के बाद यातायात सुगम होगा और जाम से मुक्ति मिलेगी। बिनौली, मेरठ, सरधना रोड इक्नोमिक कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। लोगों को इक्नोमिक कॉरिडोर तक जाने के लिए बड़ौत के अंदर से नहीं जाना पड़ेगा। यह इक्नोमिक कॉरिडोर तहसील क्षेत्र के बाम, अलावलपुर, औसिक्का, इदरीशपुर, हिलवाडी, बड़का, गुराना, सभाखेड़ी, वाजिदपुर, लौहड्डा, जलालपुर, बिजरौल, आचार्य खेडा, कंडेरा, अशरफाबाद थल, मौजिजाबाद नांगल, गांगनौली, टीकरी से होकर गुजरेगा।
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इन प्रजाति के पेड़ों की चढ़ेगी बलि
- वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह के अनुसार इक्नोमिक कॉरिडार के निर्माण के दौरान शीशम, नीम, सिरा, सहतूत, ढाक, पापुलर, पीपल, शागुन, हरि गंगा, अर्जुन, किकर आदि अन्य कई प्रजातियों के पेड़ बली चढ़ेंगे। जिनकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये बतायी जा रही है।
सहारनपुर तक होंगे छह कट
- इक्नोमिक कॉरिडोर पर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर मवी कलां में जंक्शन निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। यहां पहला कट रहेगा। दूसरा कट बागपत-मेरठ हाईवे पर अग्रवाल मंडी टटीरी, तीसरा कट बड़ौत-मेरठ हाईवे पर बड़ौत, चौथा कट शामली में मेरठ-करनाल मार्ग, पांचवां कट पानीपत-खटीमा मार्ग पर शामली में और छठा कट सहारनपुर में दिया जाएगा। बड़ौत का कट बिजरौल की ओर दिया जाएगा। ऐसे में मेरठ रोड से आने वाले लोगों को बड़ौत के अंदर से होकर जाना पड़ेगा।
नौ चरणों में बनना है इक्नोमिक कॉरिडोर
- दिल्ली से देहरादून तक इक्नोमिक कॉरिडोर नौ चरण में बनेगा। दो चरण दिल्ली में, चार चरण यूपी में और तीन चरण उत्तराखंड में होंगे। बागपत जिले के 21 गांव से होकर यह एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। करीब 41.75 किलोमीटर के टुकड़े का निर्माण होगा। पहले चरण में अक्षरधाम से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से मवी कलां कट तक पुराने हाइवे का ही चौड़ीकरण किया जाएगा। दूसरे चरण में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के मवी कलां कट से सहारनपुर तक नए कॉरिडोर का निर्माण होगा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से सहारनपुर बाईपास तक 118 किलोमीटर के हाईवे पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। तीसरे चरण में सहारनपुर के गणेशपुर से देहरादून तक हाइवे बनेगा। यह हिस्सा एलिवेटेड, सुरंग और चौड़ीकरण से बनेगा। इसमें करीब 1600 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान के लोगों को लाभ मिलेगा।
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