बागपत के बड़ौत में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायकों ने मांगों को लेकर बाल कल्याण विभाग के कार्यालय के सामने धरना दिया। तहसील में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आंगनबाड़ी और सहायक को राज्य कर्मचारी घोषित करने, आंगनबाड़ी को 18 हजार और सहायक को नौ हजार प्रतिमाह मानदेय देने, माह मई में एक माह का अवकाश देने, राज्य पोषण मिशन में एकल खाता खोलने, योजना का विकेंद्रीकरण कर परियोजना अधिकारी एवं
आंगनबाड़ी को आने वाला पैसा देने, आंगनबाड़ी और सहायक को प्राथमिक पाठशाला की नौकरी में समायोजन में छूट और कोटा निर्धारित करने, आंगनबाड़ी की निर्वाचन कार्यों में ड्यूटी न लगाने ने की मांग की। उन्होंने कहा यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा।
धरने में सरिता चौधरी, सुनीता रंगा, सुषमा शर्मा, सर्विस्टा दांगी, रेखा देवी, सुनीता, बोबी, पुष्पा रानी, उषा, मंजू आदि रहे। दूसरी ओर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायकों ने तहसील में प्रदर्शन किया। इसउन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें शीतल, सुदेश, दयावती, रीतू, निशा, मुकेश, डिम्पल, मीरा, मंजू, सोनिका, पिंकी, रेनू, अनीता, सुनीता, सविता शर्मा, राकेश, मिलावती आदि रही।
छपरौली। कसबे के रठौड़ा तिराहे पर बड़ौत - टांडा सड़क मार्ग पर जाम लगाकर ब्लॉक क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रदेश सरकार पर बरसी और कहा कि उन्हें 18 हजार मानदेय किया जाए। जाम लगने से वाहनों की लंबी कतारें लग गई। पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया और यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराई। प्रदर्शन में नीशा, सुमन, निर्मला, राजेश, बबली आदि रही।
खेकड़ा। ब्लाक पर मंगलवार की सुबह 10 बजे दूसरे दिन आंगनबाड़ी एकत्र हुई। जहां उन्होंने मानदेय बढ़ाने, राज्य कर्मचारी घोषित करने आदि मांगों को लेकर धरना शुरू किया। उन्होंने धरना प्रदर्शन के बीच नारेबाजी कर कहा यदि जल्द ही उनकी मांगे पूरी नहीं की तो वह आंदोलन तेज करेंगी। इसमें रीना, पुष्पा, बबीता, संगीता, सीमा, सुनीता, ममता, पवित्रा, सुदेश, बीना, मुनेश, अल्का शर्मा, सुनीता, सरोज, दीपा आदि रही।