बागपत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर कोहरे के चलते बुधवार सुबह सरूरपुरकलां में ट्रक की टक्कर से श्रीराम इंटर कॉलेज बड़ौत की बस पलट गई। आसपास खड़े लोगों ने स्कूल बस का शीशा तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। हादसे में लधवाड़ी, सूजरा और सरूरपुरकलां गांव के 12 छात्र-छात्राएं और चालक घायल हो गए, जिनका सीएचसी में उपचार कराया गया। वहां से एक छात्र आयुष निवासी लधवाड़ी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
बड़ौत के श्रीराम इंटर कॉलेज के बस चालक सुधीर कुमार बुधवार सुबह लधवाड़ी से छात्र-छात्राओं को लेकर दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर सरूरपुरकलां गांव में पहुंचे। सुधीर कुमार ने बताया कि पुलिस चौकी से आगे एक छात्रा को बैठाने के लिए उन्होंने बस हाईवे किनारे रोक दी, तभी पीछे से आए ट्रक ने टक्कर मार दी। इसके बाद ट्रक उनकी स्कूल बस को घसीटता हुआ काफी दूर तक ले गया और फिर स्कूल बस दो बार पलट गई।
बस पलटने पर बच्चों में चीख पुकार मच गई तो वहां आसपास मौजूद लोगों ने उनको बस से बाहर निकाला। हादसे में आयुष (16), ऋतु (14), आरव (16), मयंक (16), वंश (18) निवासी लधवाड़ी, अंकित (13), आर्यन (16), कार्तिक (16) निवासी सरूरपुर कलां को घायल होने पर सीएचसी में उपचार कराया गया। चार अन्य घायलों को उनके परिजन बस से निकलते ही अपने साथ लेकर चले गए। वहीं घायल आयुष को जिला अस्पताल रेफर किया गया तो परिवार वाले निजी अस्पताल में ले गए, जहां उसका उपचार चल रहा है।
हादसे के बाद लोगों ने कैंटर और उसके चालक को पकड़ लिया। लोगों ने चालक महकार निवासी दिल्ली की पिटाई कर दी, तभी वहां आए पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में लिया। नेशनल हाईवे पर स्कूल बस पलटने से वहां जाम लग गया। पुलिसकर्मियों ने बस को एक तरफ हटवाकर जाम खुलवाया। इस मामले में जांच अधिकारी देवेंद्र कुमार का कहना है कि चालक और कैंटर को पकड़ लिया गया है। इसमें तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
-अचानक लगा झटका, हमें कुछ समझ नहीं आया
घायल छात्रा ऋतु ने बताया कि उनकी स्कूल बस एक छात्रा को बैठाने के लिए हाईवे किनारे खड़ी थी, तभी पीछे से आए कैंटर ने उनकी स्कूल बस में जोरदार टक्कर मार दी। उस समय उनकी कुछ समझ में नही आया और बस पलट गई। उन्होंने आसपास खड़े लोगों को मदद के लिए आवाज लगाकर बुलाया।
-छात्रा दूर थी, इसलिए बच गई उसकी जान
स्कूल बस चालक धीरज कुमार ने बताया कि जिस छात्रा को लेने के लिए उनकी बस खड़ी थी, वो काफी दूर थी। अगर छात्रा आसपास होती तो उसके साथ बड़ा हादसा हो जाता। क्योंकि कैंटर की टक्कर लगने से हाईवे की लोहे की ग्रिल भी काफी दूर तक क्षतिग्रस्त हो गईं। गमीनत रही कि आसपास भी कोई व्यक्ति नहीं खड़ा था।
-घायल बच्चों को उठाकर दौड़ पड़े लोग
नेशनल हाईवे पर जिस जगह हादसा हुआ, उससे थोड़ी दूर कुछ लोग आग जलाकर बैठे हुए थे। हादसा देखते ही लोग दौड़ पड़े। इसके बाद घायल बच्चों को बस से निकालकर अस्पताल की तरफ लेकर दौड़ पड़े। उधर, सूचना मिलने पर बच्चों के परिजन भी सीएचसी की तरफ दौड़ पड़े। वह भी बच्चों को दवाई देने में चिकित्सकों की मदद करते रहे।