बड़ौत। नगर में बालिका छात्रावास के पास बनाई गई दुकानों की जांच में जिला पंचायत के अधिकारियों का घोटाला पकड़ में आया है। वहां बुधवार को एडीएम न्यायिक शिव नारायण व नायब तहसीलदार अतुल रघुवंशी जांच के लिए पहुंचे तो मौके पर अभिलेखों से 22 दुकानें ज्यादा मिली। इसके अलावा वहां दुकानों के आवंटन पत्र देखे मगर कुछ दुकानदार आवंटन पत्र नहीं दिखा पाए।
बागपत की भजन विहार कॉलोनी की रहने वाली भाजपा की सभासद व जिला विकास समिति की सदस्य निगम शर्मा के पति विनोद कुमार शर्मा ने आरटीआई के तहत जिला पंचायत कार्यालय से बड़ौत में छात्रावास के पास बनाई गईं दुकानों का ब्योरा मांगा था। जवाब में अभिलेखों के अनुसार 54 दुकानों का आवंटन बताया गया। इसके बाद उन्होंने मौके पर आकर देखा तो 76 दुकानें बनी हुईं हैं। कुछ दुकानदारों ने दो से तीन दुकानों को एक जगह मिलाकर एक दुकान बनाई हुई है। इस पूरे मामले में विनोद शर्मा ने डीएम से जांच कराने की मांग की।
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डीएम अस्मिता लाल ने एडीएम न्यायिक को दुकानों की जांच सौंपी। उन्होंने दुकानदार भूपेश कुमार से बातचीत की और दुकान आवंटन का अनुबंध पत्र दिखाने को कहा मगर वे मौके पर कागज नहीं दिखा पाए। इसके बाद अन्य दुकानदारों से बात की और अनुबंध पत्र देखे। जिसमें पाया गया कि कुछ दुकानों के आवंटन नियमों के अनुसार नहीं किए गए हैं।
वहीं दुकानदार एवं अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष भूपेश कुमार ने कहा कि अनुबंध पत्र कहीं गुम हो गया है, इस कारण नहीं दिखा पाए। उन्हें इस पर नोटिस दिया जाता है तो उसका जवाब दिया जाएगा।