बड़ौत। जिंदगी जितनी आरामदायक बनती जा रही है उतना ही दिल की बीमारी का खतरा बढ़ने लगा है। पुरुष को 45 तो महिलाओं को 55 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। सबसे ज्यादा खतरा शुगर, मोटापा व तनाव होने पर होता है। पिछले काफी समय से हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। महिलाओं की अपेक्षा पुरुष इसके ज्यादा शिकार हो रहे हैं। अस्पताल पहुंचने वाले कुल मरीजों में 60 फीसदी पुरुष व 40 फीसदी महिलाएं होती हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 20 से 25 मरीज हृदय रोग आते हैं और इनमें सबसे अधिक पुरुष रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है। 45 साल के बाद पुरुषों और 55 वर्ष के बाद महिलाओं में हार्ट अटैक खतरा बढ़ जाता है।
हार्ट अटैक में समय का महत्व
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मयंक गोयल व डॉ. शोभित तोमर ने बताया कि हार्ट अटैक की स्थिति में शुरुआती एक घंटे बेहद अहम होता हैं। जितनी जल्दी मरीज अस्पताल पहुंचेगा उतना जल्दी इलाज शुरू किया जा सकता हैं। उपचार मिलने के बाद मरीज को आराम मिलता है।
- सेहतमंद भोजन व जीवन शैली
चिकित्सकों के अनुसार आजकल लोग आराम को ज्यादा महत्व देने लगे हैं, जो दिल की सेहत के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। व्यायाम या जिम करने वालों को बाहर से अतिरिक्त सामान लेने के स्थान पर पोषक तत्व पर ध्यान देना चाहिए। जैसे दाल, दलिया, सोयाबीन, फल, जूस आदि पौष्टिक आहार को खान-पान में शामिल करना चाहिए।
- शुगर, मोटापा व तनाव का असर
शुगर के मरीज दिल की दिक्कतों को महसूस नहीं कर पाते। इसलिए शुगर के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। मोटापा दिल के लिए सबसे बड़ा खतरा है। संतुलित काम और आराम, गहरी नींद, योग, व्यायाम और फिजिकल एक्टिविटी दिल को स्वस्थ बनाए रखती हैं।