फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पट्टे की आड़ में 98 हजार 483 घन मीटर अवैध खनन

विज्ञापन
बदरखा यमुना खादर में लगा रेत का ढेर - फोटो : BAGHPAT
विज्ञापन
बागपत। खनन पट्टे की आड़ में अवैध खनन के खेल की शिकायत ग्रामीण कई महीने से कर रहे थे। पंचायतों का दौर चला, लेकिन सरकारी तंत्र ने ग्रामीणों की एक नहीं सुनी। अधिकारी खादर में पहुंचकर खनन को हरियाणा के हिस्से में बताकर पल्ला झाड़ लेते थे। मगर, सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद खनन का खेल खुल गया है। पट्टे की आड़ में 98 हजार 483 घन मीटर अवैध खनन किया गया है। सवाल अब यह है कि आखिर किसके इशारे और संरक्षण में खनन का खेल चल रहा था।
विज्ञापन

बदरखा में खनन को लेकर छह माह से लगातार शिकायत की जा रही थी। बदरखा के ग्रामीण एकत्र होकर कलक्ट्रेट तक भी पहुंचे, शिकायतें भी की गई। लेकिन नतीजा जांच में ही उलझा रहा। ग्रामीणों को कोई राहत प्रशासन की ओर से नहीं दी गई। कई बार खादर में खून-खराबे के हालात बने। बागपत विधायक योगेश धामा, बड़ौत विधायक केपी मलिक और भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर अवैध खनन की शिकायत की। इसके बाद सीएम ने विशेष जांच टीम गठित की तो बदरखा में अवैध खनन का खेल खुल गया। इससे पहले आखिर ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारी खामोश क्यों रहे? ओवरलोडिंग पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? गंभीर मामला यह है कि पट्टे की आड़ में 98 हजार 483 घन मीटर अवैध बालू का खनन किया गया और प्रशासन देखता रहा।
पट्टाधारक ने ठेंगे पर रखा सरकारी तंत्र
खनन योजना एवं पर्यावरण प्रमाणपत्र की शर्तों का पालन भी नहीं किया गया। ऐसे हालात तो तब हैं जब पट्टा धारक ने खनन परिवहन की रिकॉर्डिंग भी डीएम कार्यालय में प्रस्तुत नहीं की। इसके बावजूद जरूरी सख्ती प्रशासन की ओर से नहीं की गई। चेकिंग में प्रशासन ने पट्टा क्षेत्र में अगर खामियां पकड़ी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
विज्ञापन

अब सड़कें भी बनेंगी
बदरखा और आसपास के गांव के ग्रामीण अवैध खनन पर हंगामा करते रहे, लेकिन सरकारी तंत्र ने अपनी आंख और कान बंद कर लिए थे। यही वजह है कि सड़कें टूट गई। मामला सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा तो सड़क बनवाने का प्रस्ताव भी कराया गया।
बारिश के कारण अधूरी रही जांच
खनन निदेशक डॉ. रोशन जैकब ने पट्टा धारक पर जुर्माना लगाने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि निरीक्षण के दौरान स्वीकृत खनन पट्टे का अधिकांश क्षेत्र वर्षा के कारण जलमग्न था, जिस कारण किए गए खनन का आंकलन नहीं किया जा सका था।
अब जिला स्तर पर जांच कमेटी गठित
बारिश के कारण लखनऊ से गठित जांच कमेटी पूरे क्षेत्रफल की जांच नहीं कर सकी थी। स्वीकृत खनन के पट्टे की जांच अधूरी है। खनन निदेशक डॉ रोशन जैकब ने डीएम को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर जांच कमेटी गठित कर जांच की जानी चाहिए। एडीएम अमित कुमार सिंह ने बताया कि जिला स्तरीय कमेटी गठित कर दी गई है। एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा, सीओ आलोक कुमार, बड़ौत तहसीलदार, खनन अधिकारी और इंस्पेक्टर को इस जांच कमेटी में रखा गया है।
रोज खोदी जा रही यमुना
यमुना में अब भी अवैध खनन जारी है। सांकरौद के अलावा बड़ौत क्षेत्र में रोज सुबह और रात में माफिया खनन करते हैं, लेकिन सरकारी तंत्र की पकड़ में खनन का यह खेल नहीं आ रहा है।
जो जिम्मेदार, उन पर होगी कार्रवाई: धामा
अवैध खनन कराने वालों पर सरकारी सख्ती करेगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की जानकारी में पूरा मामला है। अब जांच रिपोर्ट से भी असलियत सबके सामने आ गई है। जो भी जिम्मेदार है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। - योगेश धामा, विधायक।

यमुना खादर में होता अवैध खनन का फाइल फोटो- फोटो : BAGHPAT

बदरखा यमुना खादर में रेत खनन के बाद हुआ गड्ढे- फोटो : BAGHPAT

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें