जनपद न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 9484 वादों का निस्तारण हुआ। इस दौरान तीन करोड़ 22 लाख 57 हजार 399 रुपये वसूले गए। सुबह से शाम तक अदालत में भारी भीड़ लगी रही। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस-पीएसी तैनात रही।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश संजय हरकौली ने किया। उसके बाद अदालत में वादों का निस्तारण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मूल दीवानी वाद पांच, उत्तराधिकार वाद 20, निष्पादन वाद 5, मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम के मामले 106, छोटे आपराधिक वाद, मोटर वाहन अधिनियम, आपराधिक वाद से संबंधित अंतिम आख्या 3045, राजस्व अदालत से संबंधित वाद, चकबंदी न्यायालय व सैल टेक्स से संबंधित वाद 6251, बैक ऋण संबंधी प्री-लीटिगेशन के मामले 205, पारिवारिक न्यायालय से संबंधित वाद 54, उपभोक्ता फोरम से संबंधित वाद 3, बाल संवाद अदालत 10 का निस्तारण किया गया।
एमएसीटी के मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित वाद 106 में 56,32,000 रुपये वादकारियों को प्राप्त हुए। प्री-लिटिगेशन में बैंक से संबधित 2,20,45,882 रुपये के बाबत बैक ऋण वसूली के समझौते हुए। उत्तराधिकार से संबंधित 42,35,127 रुपये वारिसानों को प्राप्त हुए। इसी तरह लघु आपराधिक मामलों में 3,44,390 रुपये बतौर जुर्माना वसूल किए गए।
वादकारियों के चेहरे पर आई खुशी
बागपत। लंबे समय से कोर्ट के चक्कर लगा रहे वादाकरियों के राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों का निस्तारण होने पर वे काफी खुश नजर आए। प्राधिकरण के सचिव का कहना है कि बहुत पुराने वादों का राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हुआ है।
बैंकवालों की मनमानी पर वादकारी परेशान
बागपत। सिंडिकेट बैंक की शाखा लूंब, बड़ौत के बिनौली रोड और कैनरा बैंक की शाखा किरठल द्वारा नोटिस जारी करने के बावजूद राष्ट्रीय लोक अदालत में शाखाओं के अफसर नहीं पहुंचे। जिससे वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव से शिकायत की। प्राधिकरण सचिव मुकेश कुमार सिंह का कहना है कि जो बैंक के लोग राष्ट्रीय लोक अदालत में नहीं पहुंचे हैं। उनके अफसरों को कार्रवाई के लिए आदेशित किया जाएगा।