बड़ौत (बागपत)। गुराना गांव में किसानों की बैठक में गन्ना भुगतान की समस्याओं पर विचार किया और 25 फरवरी को तहसील में होने वाली महापंचायत में आंदोलन की रणनीति बनाई गई।
बैठक में राजगुरु ने कहा कि किसानों को विद्युत बिल जमा करने की 31 मार्च 2019 तक ओटीएस की सुविधा दी, परंतु जब किसान बिल जमा कराने जाता है तो किसान को उल्टा सीधा बिल बनाकर दिखाया जाता है और किसान के पूछने पर कंप्यूटर ही बिल बताता है, यह कहकर टरका दिया जाता है। किसान का जो मूल बिल बनता है, उसे अधिक दिखाकर 30 प्रतिशत जमा करा दिया जाता है जो किसान के साथ धोखा है। चौधरी बिरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलवामा में हमारे वीर जवानों पर धोखे से आतंकियों ने हमला किया, जिससे हमारे जवान शहीद हुए लेकिन भारत सरकार ने उन जवानों के लिए राष्ट्रीय शोक के लिए एक दिन की भी घोषणा नहीं की। जिन वीर जवानों के साये में हम चैन की नंीद सोते हैं, उनकी पेंशन समाप्त कर दी। वीरों की पेंशन तुरंत लागू की जाए। संजीव गुराना ने कहा कि 25 फरवरी को किसानों की समस्या को लेकर तहसील में पंचायत है। इसमें गन्ना भुगतान, आवारा गोवंश, विद्युत और गन्ना भुगतान आदि समस्याएं उठाई जाएगी। इसकी अध्यक्षता चंदर सिंह ने की। इसमें बलजोर सिंह आर्य, राममेहर, ब्रजपाल सिंह, चौधरी सुभाष, रामफल, जगदीश, नरेश पाल आदि ने विचार रखे।