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आधुनिक यंत्रों से खेती करती नजर आएंगी समूहों की महिलाएं

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बागपत। एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के तहत जिले में कस्टम हॉयरिंग सेंटर खोले जाएंगे। इसकी शुरूआत छपरौली से की गई है। इसके लिए ख्वाजा नांगल के एकता ग्राम संगठन के लिए चयन किया । इसके अंतर्गत पांच महिला समूह संचालित है। 10 लाख रुपये तक के कृषि उपकरण मिलेंगे। जल्द सेंटर का शुभारंभ होने वाला है।
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स्वयं सहायता समूह की महिलाएं लोगों को आधुनिक यंत्रों से खेतों में कटाई, खुदाई, निराई, बुआई करती हुई नजर आने वाली है। यह ही नहीं इनके द्वारा आधुनिक यंत्रों को किराए पर दिया जाएगा। जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के तहत जिले में कस्टम हॉयरिंग सेंटर खोले जाएंगे। शुरूआत में छपरौली ब्लॉक के लिए इसका चयन किया। इसमें एकता ग्राम संगठन को इसके लिए चयनित किया। इस संगठन में पांच महिला समूह काम कर रही है। विभाग की ओर से संगठन को 10 लाख रुपये का बैंक से ऋण दिलाया जाएगा। इसके बाद उन्हें अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र मिलेंगे।
सीडीओ पीसी जायसवाल ने बताया कि महिलाओं को कृषि क्षेत्र में भी आत्म निर्भर बनाने के लिए कस्टम हॉयरिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं। छपरौली ब्लॉक का चयन कर एकता ग्राम संगठन को इसके लिए चयनित किया है। जल्द इनका सेंटर खुलवाया जाएगा। महिलाएं खुद खेती कर सकती और इसे किराए भी देंगे। सभी मशीन आधुनिक होगी। कंपनी से लगभग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उपकरण जल्द महिला समूह को मिल जाएंगे। एक संगठन में पांच समूह काम कर रहे हैं। इसके तहत करीब 50 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। जिले में सैकड़ों समूह चल रहे है, जिनके माध्यम से महिलाएं खुद का रोजगार चला रही है।
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जिले में खोले जाने है 18 कस्टम हॉयरिंग सेंटर
बागपत। एनआरएलएम के उपायुक्त एवं डीडीओ हुब लाल ने बताया कि शुरूआत में जहां छपरौली में कस्टम हॉयरिंग सेंटर खुलेगा। इसमें 10 लाख रुपये तक का ऋण स्वीकृत कराया जाएगा। वहीं जिले में 18 इसी तरह के सेंटर खुले जाएंगे। जिसमें समूहों को दो लाख रुपये तक के कृषि यंत्र उपलब्ध कराएंगे। उसके बाद सेंटर को बढ़ाकर ढाई लाख रुपये तक के यंत्र खरीद करने की योजना है।

समूहों में तैयार होते हैं यह उत्पाद
बागपत। बिजवाड़ा में कूकर का सेफ्टी वाल्व, दाहा में पाय दान, कैंटीन, भोजनालय, कॉस्मेटिक एवं फोटो कॉपी की दुकान, गैड़बरा में डोना पत्तल, निरपुड़ा में पायदान चादर, दरी, गढ़ी कामरान कैंटीन, माखर में दुग्ध डेरी, फौलादनगर में एलईडी ब्लब, तेड़ा में कुकर के सेफ्टी वाल्व, धनौरा टीकरी में पर्दे, चादर, सिलाना में मोमबत्ती, धूपबत्ती, ख्वाजा नंगला में माता की चुनरी, फूलों का सजावटी सामन, कुड़ी में दोनों के पत्तल, सूप में मोमबत्ती, तिलपनी में टाट की बोरी, लोहे की जंजीर, माता की चुनरी, चश्मे के फेम एवं शीशे की घिसाई, बिलौचपुरा में कॉस्मेटिक, वाजिदपुर में साड़ी बंदी, कोताना में मिट्टी की मूर्ति बनाए जाते हैं।
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