बागपत। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि हिंडन और कृष्णा नदी क्षेत्र में पानी से जानलेवा बीमारी नहीं फैली हैं। कैंसर और अन्य कई बीमारी वंशानुगत है। गांवों में लागए गए कैंप से इसका खुलासा हो चुका है। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने डीएम ऋषिरेंद्र कुमार और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) को भी यह रिपोर्ट भेज दी है।
हिंडन और कृष्णा नदी क्षेत्र के कई गांव में खतरनाक बीमारियों से लोग परेशान हैं। बीमारियों को देखकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने दूषित हैंडपंपों को उखाड़वा दिया है। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि पूर्व के सीएमओ ने एनजीटी के आदेश पर कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई। इसमें किसी भी व्यक्ति को गंभीर रोगों की पुष्टि नहीं हुई। सामान्य खुजली, बुखार, उल्टी, दस्त आदि होना तो आम है। सीएमओ ने बताया कि एनजीटी ने इस संबंध में रिपोर्ट मांगी। उन्होंने जिलाधिकारी और एनजीटी को रिपोर्ट भेज दी। किस तरह की हिंडन और कृष्णा नदी क्षेत्र के गांवों में बीमारी फैल रही है इससे अवगत करा दिया है।
क्या कहते हैं लोग
बागपत। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जल प्रदूषण के कारण ही लोगों को खतरनाक बीमारी हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग को पुन: इसकी जांच करानी चाहिए। क्षेत्र के लोगों ने एनजीटी में भी दावा किया है कि प्रदूषित जल से कैंसर जैसी बीमारी हो गई है। पर्यावरण समिति के डॉ. चंद्रवीर सिंह का कहना है कि जल प्रदूषण के कारण चौगामा क्षेत्र के लोग परेशान हैं।
नदी क्षेत्र के गांवों में लगाया जाएगा हेल्थ कैंप
बागपत। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि हिंडन और कृष्णा नदी क्षेत्र के गांवों में हेल्थ कैंप लगाया जाएगा। जहां पर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। अगर गंभीर रोग की पुष्टि होती है तो उनका उपचार कराया जाएगा। जल्द हर गांव में कैंप लगाकर इलाज कराया जाएगा।