कब्जा हटाने के लिए रविवार तक की मोहलत
खेकड़ा (बागपत)। यमुना के खादर में धारानगर की सात एकड़ जमीन के मालिकाना हक के मामले में दोनों प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। विवादित जमीन पर झोपड़ियां डालकर रह रहे लोगों को कब्जा हटाने के लिए रविवार दोपहर तक की मोहलत दी गई। इसके बाद सख्ती की जाएगी। दोनों प्रदेशों के अधिकारियों ने कहा कि किसी को भी कानून व्यवस्था भंग नहीं करने दी जाएगी।
बागपत की सीमा से सटे सोनीपत के मजरा धारानगर वर्ष 1974 में यमुना नदी में आई बाढ़ में दरिया बुर्द हो गया था। यहां के करीब 50 परिवार बागपत के काठा से कुछ परिवार सोनीपत के मनौली और टौंकी समेत अन्य जगहों पर आकर रहने लगे। यमुना की धार घूमने के बाद जमीन दरिया बरामद हो गई। हरियाणा सरकार के नियम के अनुसार इस जमीन को काश्तकारों को आवंटित कर दिया गया। काठा में रह रहे परिवारों ने दोबारा से अपनी जमीन पर कब्जे के लिए यहां पर झोपड़ियां बनानी शुरू कर दी।
बृहस्पतिवार को इस पर दोनों तरफ के लोग आमने-सामने आ गए थे। सोनीपत के मनौली, पाबसरा, खुर्मपुर और बागपत के काठा और मवीकलां में रह रहे धारानगर के लोगों के बीच झगड़े में 12 से अधिक लोग घायल हुए थे। झोपड़ियों में आग लगा दी गई थी। शुक्रवार को एसडीएम गन्नौर सुरेंद्र पाल, राई के नायब तहसीलदार हवा सिंह, डीएसपी सोनीपत हरेंद्र कुमार खेकड़ा तहसील पहुंचे। एसडीएम खेकड़ा आशीष कुमार के साथ बातचीत की। दोनों पक्षों के लोग भी मौजूद रहे। एसडीएम खेकड़ा ने बताया कि विवादित जमीन पर कब्जाधारी लोगों को रविवार 12 बजे तक कब्जा हटाने की मोहलत दी गई है। इसके बाद दोनों प्रदेशों का प्रशासन खुद कब्जा हटवाएगा। किसी को भी कानून व्यवस्था भंग नहीं करने दी जाएगी।
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नहीं दे पाए को सुबूत
खेकड़ा। राई के नायब तहसीलदार हवा सिंह का कहना है कि जो लोग धारानगर की जमीन बताकर झोपड़ियां डाल रहे हैं। वह इस जमीन के विषय में कोई सुबूत नहीं दे पाए हैं। सोनीपत के प्रशासन ने तमाम कागजात दिए हैं। किसी को गलत कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।