बागपत। घोड़ों और खच्चरों में होने वाली जानलेवा ग्लैंडर्स बीमारी के बागपत में तीन मामले सामने आने से पशु चिकित्सा विभाग में हडक़ंप मच गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने डीएम को रिपोर्ट सौंपी। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने बागपत को कंट्रोल एरिया घोषित कर दिया है। प्रदर्शनी, मेले, पशु पैंठ और जिले में घोड़ों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। नौ घोड़ों के ब्लड के नमूने लेकर जांच के लिए हरियाणा के हिसार भेजे गए हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. राजपाल सिंह ने बताया कि बागपत के ईंट भट्ठे पर शामली के एक परिवार के तीन घोड़ों में ग्लैंडर्स के लक्षण दिखाई देने पर सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। तीनों घोड़ों में बीमारी की पुष्टि हो गई है। मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजी गई। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने बागपत को कंट्रोल एरिया घोषित कर दिया। ग्लैंडर्स घोड़ों की जानलेवा बीमारी है और एक पशु से दूसरे पशु में बेहद तेजी के साथ फैलती है। बृहस्पतिवार को पशु चिकित्सा विभाग की टीम दोबारा से ईंट भट्ठे पर पहुंची। पॉजेटिव पाए जा चुके तीन घोड़ों समेत नौ घोड़ों के ब्लड के सैंपल लिए गए। एनईआरसी हिसार जांच के लिए भेजे गए हैं। बागपत मेें हाईअलर्ट के बाद घोड़ों के जिले से आवागमन पर रोक लगा दी गई है। ईंट भट्ठों पर अभियान चलाकर घोड़ों के सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी।
घोड़ों को दिया जाएगा जहर का इंजेक्शन
बागपत। विभाग की टीम ने सैंपल जांच के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार भेज दिए हैं। हिसार और बागपत के पशु चिकित्सक इसके विषय में रिपोर्ट निदेशालय पशु पालन को देंगे। विभाग ने इस बीमारी पर वर्ष 2009 में एक्ट बनाया था, जिसमें ग्लैंडर्स पीड़ित घोड़ों को जहर का इंजेक्शन लगाए जाने का प्रावधान है।
450 से अधिक भट्टे, फैल सकती है बीमारी
बागपत। ग्लैंडर्स घोड़ों और खच्चरों में पाई जाने वाली बीमारी है। जनपद में 450 से अधिक ईंट भट्ठे हैं। यहां पर बाहर के जिलों के सैकड़ों परिवार अपने खच्चरों और घोड़ों के साथ आते हैं। इस कारण यहां बीमारी फैलने का अधिक खतरा है।