बड़ौत (बागपत) ।
अफसरशाही और फाइलों में गुम हो रहा वन विभाग का बजट कभी भी तबाही का सबब बन सकता है। वन विभाग के पास न तो आग से वनों की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम है और न ही तस्करों को रोकने के। नतीजा, कातिलों का कुल्हाड़ा पेड़ पर बेरहमी से चल रहा है। यही हाल रहा तो रहा सहा वन क्षेत्र भी मरुस्थल में तब्दील हो जाएगा।
वन विभाग के आंकडे़ अनुसार बड़ौत तहसील क्षेत्र के अंतर्गत 783 हेक्टेयर ही वन क्षेत्र बचा है। इस पर भी लकड़ी तस्करों का कुल्हाड़ा चल रहा है। अगर यही आलम रहा तो बचा वन क्षेत्र भी एक दिन समाप्त हो जाएगा और हरा-भरा क्षेत्र रेगिस्तान में तब्दील हो जाएगा। क्षेत्र में बरनावा, सरोरा, संतनगर, शेखपुरा सहित हिंडन किनारे वन क्षेत्र हैं। घटते क्षेत्र के बावजूद न तो वन विभाग की ओर से इसका रकबा बढ़ाने का कोई कवायद की गई और न ही वनों को तस्करों से बचाने की कोई ठोस व्यवस्था।
नहीं लगाए जा रहे वन क्षेत्र में प्रवेश वर्जित बोर्ड
बड़ौत। वन अधिनियम के मुताबिक वन क्षेत्र में प्रवेश वर्जित आदि लिखे बोर्ड लगाए जाते हैं। उक्त वन क्षेत्रों में एक-दो जगह को छोड़कर कहीं भी ऐसा कोई बोर्ड लगा नजर नहीं आता है। वन विभाग ने बोर्ड लगाना तो दूर की बात लोगों को पेड़ों के कटान के प्रति जागरूकता भी पैदा करना उचित नहीं समझा। वन रकबा बढ़ाने, लोगों को जागरूक करने, बोर्ड लगाने आदि सभी के लिए बजट जारी किया जाता है, लेकिन पिछले पांच साल से जनपद को नाममात्र ही बजट मिल रहा है। वह बजट भी फाइलों में ही गुम हो रहा है। ऐसी स्थिति में कभी भी तबाही का मंजर पैदा हो सकता है।
न बंदोबस्त न स्टाफ
बड़ौत। पिछले कई साल से वन विभाग स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। इसके अलावा विभाग के पास आग बुझाने के लिए भी कोई बंदोबस्त नहीं है। यहां अगर किसी वन क्षेत्र में आग लग जाए तो या तो बागपत से या फिर मेरठ से ही फायर गाड़ी बुलानी पड़ती है। अग्निशमन विभाग के पास भी मात्र दो गाड़ी हैं। इनसे वन व अन्य स्थानों की आग बुझाई जा रही है।
वन सुरक्षा को वन विभाग के पास व्यापक इंतजाम
बड़ौत। वन क्षेत्राधिकारी राजपाल ने कहा वन की सुरक्षा के लिए वन विभाग के पास व्यापक इंतजाम हैं। जनपद में आज तक कोई बड़ी आग की घटना नहीं हुई। आग बुझाने के लिए पुख्ता इंतजाम है। स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है। वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है।
कर्मचारी आवश्यकता वर्तमान में तैनाती
वन दरोगा 05 03
वन रक्षक 10 03