बड़ौत (बागपत)।
सीएचसी में मंगलवार को दूसरे दिन भी महिला चिकित्सकों का कक्ष काफी देर तक बंद रहा। इस कारण मरीज दवाइयां लिखने के लिए बाहर खड़े रहे। इस मामले को सीएचसी अधीक्षक ने गंभीरता से लेकर महिला चिकित्सकों को लिखित में दिया है कि यदि कोई नाश्ता या खाना खाता है तो एक महिला चिकित्सक अपने कक्ष में मौजूद रहेगी, नहीं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सीएचसी में महिला चिकित्सकों की लापरवाही मंगलवार को दूसरे दिन भी देखने को मिली। सोमवार को महिला चिकित्सक अपना कक्ष बंद कर लंच करती रही और मरीज उनके कक्ष के बाहर रहे। यह मामला मंगलवार को भी रहा। सीएचसी के महिला कक्ष में दो महिला चिकित्सक दोपहर 11 बजे ही अपने कक्ष बंद कर नाश्ता करती रही और कक्ष के बाहर घंटों तक मरीज दवाइयां लिखने के लिए परेशान रहे। इसके बाद कुछ मरीजों ने सीएचसी के अधीक्षक से चिकित्सकों की शिकायत की। सीएचसी अधीक्षक डॉ मुकेश उपाध्याय ने शिकायत को गंभीरता से लिया। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि महिला चिकित्सक शुगर की मरीज है और उन्हें बीच-बीच मेें कुछ खाना पड़ता है। उन्होंने लिखित में निर्देशित किया है कि लंच या नाश्ते के दौरान एक महिला चिकित्सक अपने कक्ष में रहेगी और दूसरी महिला चिकित्सक कैंटीन में लंच या नाश्ता कर सकती है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित महिला चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।